विशाखापत्तनम के INS सतवाहन में पानी के भीतर अंडरवॉटर योग करते भारतीय नौसेना के जवान

योग दिवस: भारतीय नौसेना ने INS सतवाहन में किया अद्भुत अंडरवॉटर योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भारतीय नौसेना का अद्भुत ‘अंडरवॉटर योग’, INS सतवाहन में जवानों ने पानी के भीतर दिखाई ताकत “

विशाखापत्तनम / नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

देशभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

 

इस मौके पर तीनों भारतीय सेनाओं ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान भारतीय नौसेना (Indian Navy) के एक अनोखे और रोमांचक प्रदर्शन ने खींचा।

विशाखापत्तनम स्थित INS सतवाहन में नौसेना के जवानों ने पानी की गहराई में ‘अंडरवॉटर योग’ (पानी के भीतर योग) का शानदार और अकल्पनीय प्रदर्शन कर पूरी दुनिया को अपनी एकाग्रता और शारीरिक क्षमता का लोहा मनवाया।

अंडरवॉटर योग कार्यक्रम की मुख्य बातें

विवरण

जानकारी

आयोजन स्थल

INS सतवाहन (विशाखापत्तनम)

कार्यक्रम का नाम

विशेष अंडरवॉटर योग सत्र

नेतृत्वकर्ता

लेफ्टिनेंट कमांडर आरुष शर्मा

प्रतिभागी

नौसेना यूनिट के 40 विशेषज्ञ कर्मी

 

“मन से शांत। शरीर से मजबूत। सेवा के प्रति समर्पित।”

भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस अद्भुत आयोजन की जानकारी साझा करते हुए लिखा- “मन से शांत। शरीर से मजबूत। सेवा के प्रति समर्पित।”

नौसेना ने यह भी बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उन्होंने विशेष रूप से ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ और ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ की थीम को अपनाया है, जो एक स्वस्थ और हर मिशन के लिए तैयार फोर्स की नींव को और मजबूत कर रहा है।

पानी के भीतर योग: चुनौती और संतुलन का संगम

लेफ्टिनेंट कमांडर आरुष शर्मा के नेतृत्व में 40 कर्मियों ने पानी की सतह के नीचे कठिन योगासन किए।

इस प्रदर्शन ने यह साबित किया कि नौसेना के जवान विपरीत और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपना शारीरिक व मानसिक संतुलन बनाए रखने में सक्षम हैं:

  • श्वास नियंत्रण और एकाग्रता: पानी के भीतर योग करने से जवानों के श्वास नियंत्रण (Breath Control) और एकाग्रता का शानदार परीक्षण हुआ।

  • भावनात्मक संतुलन: इस अभ्यास का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता और परिचालन तत्परता (Operational Readiness) को बढ़ाना था।

  • प्राचीन परंपरा और नवाचार: यह कार्यक्रम योग की प्राचीन परंपरा और नौसेना के चुनौतीपूर्ण वातावरण का एक अनूठा संगम बनकर उभरा।

नौसेना के अनुसार, प्रतिभागियों ने खुद यह अनुभव किया कि सजगता, अनुशासन और नियंत्रित श्वास किसी भी मुश्किल परिस्थिति में उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।