Police patrolling and barricading in Ujjain following arrests of social media influencers and stone-pelters in the Shahi Masjid row

उज्जैन : AI से भड़काऊ वीडियो बनाने वाले 5 इंफ्लूएंसर्स समेत 15 गिरफ्तार

उज्जैन बवाल पर पुलिस का बड़ा एक्शन: सोशल मीडिया पर AI से बने भड़काऊ वीडियो फैलाने वाले 5 इंफ्लूएंसर्स समेत 15 गिरफ्तार, 100 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट बंद”

उज्जैन: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर भड़की हिंसा और पुलिस पर हुए पथराव के मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

उज्जैन पुलिस ने उपद्रवियों और माहौल बिगाड़ने की साजिश रचने वालों पर शिकंजा कसते हुए 15 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 7 से अधिक नामजद व अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

पकड़े गए आरोपियों में 5 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स भी शामिल हैं, जिन पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए भ्रामक व भड़काऊ वीडियो बनाकर दंगा भड़काने का आरोप है।

इसके साथ ही पुलिस ने 100 से ज्यादा आपत्तिजनक इंस्टाग्राम अकाउंट्स को ब्लॉक करा दिया है।

AI जनरेटेड फर्जी वीडियो ने भड़काया तनाव, शहर काजी ने भी दर्ज कराई FIR

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर उपजे असंतोष को सोशल मीडिया के जरिए जानबूझकर हिंसक रूप दिया गया।

  • फर्जी वीडियो का जाल: गिरफ्तार किए गए पांच सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का दुरुपयोग कर फर्जी वीडियो तैयार किए, जिनमें पूरी मस्जिद को जेसीबी और बुलडोजर से जमींदोज होते हुए दिखाया गया था।

  • 100 से अधिक प्रोफाइल्स ने किया शेयर: इन भड़काऊ और मनगढ़ंत वीडियोज को 100 से अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल्स से तेजी से री-शेयर कराया गया, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।

  • उज्जैन पुलिस की स्पेशल सोशल मीडिया सेल इन खातों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही थी। वीडियो सामने आते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इंफ्लूएंसर्स को दबोच लिया और मेटा (Meta) अथॉरिटी को पत्र लिखकर 100 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट्स तुरंत बंद करा दिए।

  • शहर काजी को धमकाने की कोशिश: शांति और सौहार्द की अपील करने वाले शहर काजी खलिकुर रहमान के रुख से नाराज एक उपद्रवी गुट उन्हें धमकाने पहुंच गया था।

  • हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिस बल ने उपद्रवियों को खदेड़ दिया। शहर काजी ने भी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।

सोमवार को मस्जिद के बाहर हुआ था पथराव, पुलिस ने दागे थे आंसू गैस के गोले

गौरतलब है कि आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण की योजना पर काम चल रहा है।

इस मार्ग पर मस्जिद का आंशिक हिस्सा जद में आ रहा था। मस्जिद हटाने को लेकर समुदाय के भीतर ही दो फाड़ हो गई थी—एक पक्ष प्रशासन के साथ मिलकर बाधक हिस्सा हटाने के पक्ष में था, जबकि दूसरे गुट ने विरोध शुरू कर दिया।

सोमवार को जब प्रशासनिक अमला कार्रवाई के लिए पहुंचा, तो उग्र भीड़ ने सुरक्षा बलों पर अचानक पथराव शुरू कर दिया था।

स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागकर उपद्रवियों को तितर-बितर किया।

फिलहाल संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण दस्ते तैनात हैं और शांति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।