Heavy police deployment and damaged vehicles outside Lovely Professional University in Phagwara after late night violent student protests

LPU में बेकाबू बवाल: इंटरनेट बंद, डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियां तोड़ीं

LPU में बेकाबू बवाल: इंटरनेट सेवाएं बंद, डीआईजी-एसएसपी की गाड़ियां तोड़ीं; ‘दातर’ और वॉकी-टॉकी के साथ 5 धरे गए, 5000 पुलिसकर्मी तैनात”

फगवाड़ा (पंजाब): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और आत्महत्या की खबर को लेकर शनिवार रात से शुरू हुआ छात्र आंदोलन रविवार देर रात बेहद हिंसक हो गया।

पुलिस लाठीचार्ज के बाद उग्र हुई भीड़ ने जमकर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और पूरे परिसर को छावनी में तब्दील करते हुए 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।

इस बीच यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने 10 दिनों की छुट्टी घोषित कर दी है, जिसके बाद डरे-सहमे छात्र अपने घरों की ओर लौट रहे हैं।

लाठीचार्ज के बाद भड़की हिंसा: डीआईजी और एसएसपी की गाड़ियों में तोड़फोड़

शनिवार रात से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रविवार देर रात पुलिस समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास कर रही थी।

पुलिस के अनुसार, इसी दौरान भीड़ की ओर से बोतलें फेंकी गईं, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने छात्र-छात्राओं दोनों पर बेरहमी से लाठियां भांजीं।

  • लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी भड़क उठे और पुलिस बल तथा मीडिया की गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया।

  • उपद्रवियों ने जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और एसएसपी की गाड़ियों सहित कई पुलिस वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

‘दातर’ और वॉकी-टॉकी के साथ 5 गिरफ्तार, नकाबपोश बाहरी लोगों पर हिंसा का आरोप

इस हिंसक प्रदर्शन के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने बताया कि पुलिस ने मौके से पांच युवकों को हिरासत में लिया है,

जिनके पास से धारदार हथियार ‘दातर’ और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद हुआ है। पुलिस इन सभी से गहन पूछताछ कर रही है।

वहीं, यूनिवर्सिटी के छात्र विशाल कुमार ने बताया कि छात्र शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन रात में बड़ी संख्या में बाहरी लोग चेहरे पर मास्क लगाकर कैंपस में घुसे। वे छात्र नहीं थे।

उन्होंने एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में जाकर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और हिंसा की। कल रात का मंजर बेहद डरावना था, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने 10 दिन की छुट्टी का मैसेज भेजा और अब सभी छात्र घर जा रहे हैं।

डीजीपी गौरव यादव पहुंचे कैंपस, बोले- ‘किसी दोषी को नहीं बख्शेंगे’

हालात की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के डीजीपी (DGP) गौरव यादव स्वयं स्थिति का जायजा लेने एलपीयू कैंपस पहुंचे।

उन्होंने पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीजीपी ने स्पष्ट कहा, “मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनी जाएगी और आज छात्रों व यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट के बीच फिर से बैठक कराई जाएगी।”

उन्होंने आम लोगों और मीडिया से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की।

सियासत गरमाई: भाजपा ने पूछा- ‘अमित शाह की रैली से पहले साजिश तो नहीं?’

एलपीयू में हुए इस बवाल ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। पंजाब भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने इसे भगवंत मान सरकार की कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया है।

बलियावाल ने सवाल उठाते हुए कहा, “हथियारों और वॉकी-टॉकी जैसे संचार उपकरणों के साथ बाहरी लोग कैंपस में कैसे दाखिल हुए? उन्हें किसने भेजा और उनका मकसद क्या था?

क्या यह हिंसा 30 सितंबर को जालंधर में होने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम से ठीक पहले जानबूझकर भड़काई गई है?” भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है।