Union Minister Chirag Paswan announcing his party LJP (Ram Vilas) will contest the Uttar Pradesh Assembly Election 2027

यूपी चुनाव 2027: प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ेगी लोजपा – चिराग पासवान

🗳️बिहार के बाद अब यूपी फतह करेंगे चिराग पासवान! विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर किया बड़ा ऐलान, क्या है BJP का ‘हिडन प्लान’?

पटना/लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बिहार की राजनीति में 100 फीसदी स्ट्राइक रेट के साथ धमाल मचाने के बाद अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का अगला टार्गेट उत्तर प्रदेश है।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने खुद ऐलान कर दिया है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अपनी किस्मत आजमाने जा रही है।

चिराग के इस बड़े सियासी कदम से यूपी की राजनीति में अभी से नए समीकरणों को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष राजनीतिक रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि पटना एयरपोर्ट पर चिराग पासवान ने क्या कहा और यूपी के रण में उनके उतरने के क्या मायने हैं:

📢 लोजपा (रामविलास) ने फूंका चुनावी बिगुल

मंगलवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने साफ किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश को लेकर बहुत गंभीर है।

  • संगठन को मजबूत करने में जुटे नेता: चिराग पासवान ने कहा, “बिल्कुल, पार्टी लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हमारे प्रभारी अरुण भारती, जो कि बिहार के भी प्रभारी हैं, वो वहां निरंतरता में संगठन को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।”

  • नेताओं को दी जिम्मेदारी: उन्होंने बताया कि बिहार से लोजपा के सभी सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता यूपी के अलग-अलग जिलों का दौरा कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती दे रहे हैं।

⏳ “अभी शुरुआती दौर, जल्द शुरू होंगे मेरे दौरे”

चिराग पासवान ने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल पार्टी यूपी में जमीन तैयार करने के शुरुआती चरण में है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि कुछ समय बीतेगा, धीरे-धीरे हमारे भी कार्यक्रम वहां (उत्तर प्रदेश) पर लगने शुरू होंगे। कुछ समय गुजरेगा तो मैं भी खुद वहां जाऊंगा। उसके बाद चुनावी दृष्टि से वहां क्या स्वरूप बैठता है, उस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।”

🔮 राजनीतिक मायने: विपक्षी दलित वोट बैंक में सेंधमारी?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चिराग पासवान का यूपी में उतरना महज एक क्षेत्रीय दल का विस्तार नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरी रणनीति हो सकती है।

  • सपा-बसपा को नुकसान: माना जा रहा है कि चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) यूपी में आकर दलित और पिछड़ा वर्ग के वोटों को आकर्षित कर सकती है।

  • यदि ऐसा होता है, तो यह सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पारंपरिक दलित वोट बैंक में सेंधमारी का काम करेगी।

  • BJP की राह होगी आसान: विपक्षी वोटों में इस बिखराव का सीधा फायदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिल सकता है, जिससे उनके लिए 2027 की चुनावी राह काफी आसान हो जाएगी।

🎭 मुकेश सहनी से अलग हैं ‘मोदी के हनुमान’

राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को 2022 के यूपी चुनाव से भी जोड़कर देख रहे हैं। तब एनडीए (NDA) गठबंधन में रहते हुए वीआईपी (VIP) चीफ मुकेश सहनी ने भी सीएम योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए यूपी में चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में बिहार में उनकी पार्टी बिखर गई।

हालांकि, चिराग पासवान का मामला सहनी से बिल्कुल अलग है। चिराग खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का ‘हनुमान’ कहते हैं और केंद्र में कैबिनेट मंत्री हैं।

ऐसे में उनका यूपी चुनाव में उतरने का यह फैसला राजनीतिक गलियारों में भाजपा की एक सोची-समझी कूटनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।

नोट: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की हर बड़ी सियासी हलचल, एनडीए गठबंधन की रणनीतियों और चिराग पासवान के दौरों के लाइव अपडेट्स के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।