एशियन गेम्स: नीरू ढांडा ने रचा इतिहास, ट्रैप इवेंट में जीता भारत के लिए गोल्ड
एशियन गेम्स 2026: शूटर नीरू ढांडा ने रचा इतिहास, इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट में जीता भारत के लिए 5वां गोल्ड; टीम इवेंट में भी दिलाया सिल्वर”
आइची-नागोया: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
जापान में चल रहे 2026 एशियाई खेलों से मंगलवार को भारत के लिए दोहरी खुशखबरी सामने आई।
हरियाणा की 26 वर्षीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिलाओं के इंडिविजुअल ट्रैप इवेंट (Individual Trap Event) में गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया है।
इसके साथ ही वह एशियन गेम्स के इतिहास में ट्रैप या स्कीट के इंडिविजुअल इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गई हैं।
नीरू की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या पांच हो गई है।
फाइनल में 28 का स्कोर, क्वालिफिकेशन में बनाया एशियन गेम्स रिकॉर्ड
नीरू ढांडा ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन फॉर्म का प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में कतर की निशानेबाज के साथ मिलकर 118 अंक हासिल किए, जो एशियन गेम्स का एक नया रिकॉर्ड है।
आठ निशानेबाजों वाले खिताबी मुकाबले (फाइनल) में भी नीरू ने अपनी एकाग्रता बनाए रखी और 28 का शानदार स्कोर करते हुए स्वर्ण पदक पर निशाना साधा।
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अन्य पदक विजेता: चीन की सन युनोंग ने 26 अंकों के साथ रजत पदक (सिल्वर) जीता, जबकि 21 का स्कोर करने वाली हजर अब्दुलमलिक को कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) से संतोष करना पड़ा।
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अन्य भारतीय निशानेबाज: इसी इवेंट में चुनौती पेश कर रहीं भारत की आशिमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।
दिन की शुरुआत में टीम इवेंट में भी जीता सिल्वर
नीरू के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास रहा। इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीतने से महज कुछ घंटे पहले उन्होंने वुमेंस ट्रैप टीम इवेंट (Team Event) में भी अपने सटीक निशानों के दम पर भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
वर्ल्ड कप में भी लहरा चुकी हैं परचम; 1978 के बाद आई बड़ी उपलब्धि
नीरू का यह स्वर्णिम सफर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार जारी है। इससे पहले जुलाई में इटली में आयोजित हुए ‘शॉटगन वर्ल्ड कप 2026’ में भी उन्होंने 28 का ही स्कोर बनाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और एशिया का पुराना 24 अंकों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया था।
एशियाई खेलों के इतिहास में नीरू से पहले यह कारनामा केवल पुरुष निशानेबाजों ने किया था। 1978 के एशियन गेम्स में दिग्गज रणधीर सिंह ने ट्रैप इवेंट का ऐतिहासिक गोल्ड जीता था,
जबकि रोंजन सोढ़ी ने 2010 में डबल ट्रैप इवेंट में भारत के लिए इंडिविजुअल गोल्ड हासिल किया था। अब नीरू ने महिला वर्ग में इस सूखे को खत्म कर देश का मान बढ़ाया है।











