यूपी के मदरसों में आधार बेस्ड बायोमेट्रिक हाजिरी हुआ अनिवार्य
🏫 यूपी के सभी मदरसों में ‘आधार बेस्ड बायोमेट्रिक हाजिरी’ अनिवार्य: अब छात्रों और शिक्षकों को रोज लगाना होगा अंगूठा, रुकेगा फर्जीवाड़ा “
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में चल रहे मदरसों के कामकाज में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
अब प्रदेश के सभी मदरसों में ‘आधार आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी’ (Aadhaar-based biometric attendance) को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि यह नया सिस्टम कैसे काम करेगा और सरकार को यह कड़ा फैसला क्यों लेना पड़ा:
👆 शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों… सबके लिए नया नियम
मदरसा बोर्ड के नए आदेश के अनुसार, अब मदरसों के कामकाज में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-
अब मदरसों के सभी शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों को हर रोज अपनी हाजिरी बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए ही लगानी होगी।
-
पहले क्या थी व्यवस्था? इससे पहले राज्य के केवल अनुदानित मदरसों में स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी जरूरी थी, लेकिन वह सिस्टम सीधे आधार (Aadhaar) से लिंक नहीं था। नई व्यवस्था में इसे सीधे ‘आधार कार्ड’ से जोड़ दिया गया है।
-
तुरंत मशीनें लगाने के निर्देश: जिन मदरसों में अभी तक यह मशीन या सिस्टम नहीं लगा है, वहां अधिकारियों को तुरंत जरूरी उपकरण लगाने और इस व्यवस्था को जल्द से जल्द शुरू कराने के आदेश दिए गए हैं।
🛑 इन दो ‘फर्जीवाड़ों’ के बाद सरकार ने कसा शिकंजा
दरअसल, यह नया और सख्त आदेश हाल ही में सामने आए हाजिरी में धोखाधड़ी के दो बड़े मामलों के बाद जारी किया गया है:
-
बाराबंकी का ‘प्लास्टिक कार्ड’ कांड: अप्रैल के आखिर में बाराबंकी के एक मदरसे का हैरान करने वाला वीडियो सामने आया था। वहां कथित तौर पर इंसानी उंगलियों के बजाय ‘प्लास्टिक कार्ड’ पर बने फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करके शिक्षकों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही थी।
-
जौनपुर में रिश्तेदारों का अंगूठा: इससे पहले जौनपुर में भी एक ऐसा ही फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था, जहां मदरसे के मैनेजर के परिवार वालों के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल करके शिक्षकों की फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही थी।
🔐 आधार से कैसे रुकेगी धोखाधड़ी?
अभी तक मदरसों में सिर्फ ऑफलाइन रिकॉर्ड होने और आधार आधारित ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (Face Authentication) न होने की वजह से कई लोग इस पुरानी प्रणाली का गलत फायदा उठा रहे थे।
लेकिन, अब नया सिस्टम सीधे आधार से लिंक होने के कारण ‘प्रॉक्सी’ (Proxy) या फर्जी उपस्थिति लगाना नामुमकिन हो जाएगा।
मदरसा बोर्ड ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे इस पूरी व्यवस्था की लगातार निगरानी करें और किसी भी तकनीकी समस्या को तुरंत ठीक कराएं ताकि रोजाना की हाजिरी सुनिश्चित हो सके।
नोट: उत्तर प्रदेश सरकार के अहम फैसलों, शिक्षा विभाग के अपडेट्स और राज्य की हर प्रामाणिक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











