Union Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan addressing the National Agriculture Conference Rabi Campaign 2026 in New Delhi

राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन 2026: 10 राज्यों को 1200 मिले करोड़

‘टीम एग्रीकल्चर’ के दम पर दुनिया का फूड बास्केट बनेगा भारत: रबी अभियान-2026 में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 राज्यों को दिए 1200 करोड़ के स्वीकृति पत्र”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन – रबी अभियान 2026’ के दूसरे दिन राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित किया।

इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की भलाई के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ‘टीम एग्रीकल्चर’ की भावना से काम करना होगा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा, “सरकारें आती-जाती रहती हैं, पार्टियां बनती और बिगड़ती हैं, लेकिन देश और किसान शाश्वत हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर नीतिगत फैसले और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा गया है, जिससे आने वाले समय में भारतीय कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों में धूम मचाएंगे।

10 राज्यों को मिला 1200 करोड़ का फंड

सहकारी संघवाद को बढ़ावा देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने मंच से ही ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ (PM-RKVY) के तहत 10 राज्यों के कृषि मंत्रियों को 1200 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय स्वीकृति पत्र सौंपे।

  • किस राज्य को कितना मिला: पश्चिम बंगाल (290 करोड़ रु.), हरियाणा (198 करोड़ रु.), छत्तीसगढ़ (181 करोड़ रु.), अरुणाचल प्रदेश (154 करोड़ रु.), बिहार (114 करोड़ रु.), कर्नाटक (104 करोड़ रु.), मिजोरम (75 करोड़ रु.), हिमाचल प्रदेश (64 करोड़ रु.), झारखंड (58 करोड़ रु.) और पंजाब (43 करोड़ रु.)।

  • उन्होंने कहा कि केंद्र केवल नीतियां नहीं बनाता, बल्कि समय पर संसाधन भी उपलब्ध कराता है ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन हो सके।

देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ और बैठकों का नया कैलेंडर

मिट्टी की सेहत सुधारने और पर्यावरण संरक्षण के लिए श्री चौहान ने 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक पूरे देश में ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाने की घोषणा की।

इस दौरान सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया जाएगा और पूर्वी भारत में धान की कटाई के बाद खाली रहने वाले खेतों (राइस फेलो) में दलहन की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।

कृषि अभियानों की पूर्व तैयारी के लिए बैठकों का वार्षिक कैलेंडर भी तय किया गया है:

  • खरीफ अभियान: 10 मई (जिला स्तरीय) और 17 मई (राज्य स्तरीय)

  • रबी अभियान: 10 सितंबर (जिला स्तरीय) और 17 सितंबर (राज्य स्तरीय) इसके अलावा, अब केंद्र हर महीने राज्यों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक करेगा और राज्य व जिला स्तर पर भी एक सशक्त कोर टीम नियमित समीक्षा करेगी।

कृषि क्षेत्र की अभूतपूर्व उपलब्धियां

केंद्रीय कृषि मंत्री ने देश की कृषि उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए बताया कि 2015 के बाद से देश की कृषि विकास दर 3 प्रतिशत से बढ़कर 4.5 प्रतिशत हो गई है।

वार्षिक खाद्यान्न उत्पादन में औसत वृद्धि पहले के 40 लाख टन से दोगुनी होकर अब 84 लाख टन प्रतिवर्ष पहुंच चुकी है।

‘किसानों से धोखाधड़ी राष्ट्र के प्रति अपराध’

किसानों के हितों की रक्षा पर सख्त रुख अपनाते हुए श्री चौहान ने राज्यों को नकली खाद, घटिया बीज और कीटनाशकों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी राष्ट्र के प्रति अपराध है। साथ ही, उन्होंने 100% तुअर-मसूर की एमएसपी पर सुनिश्चित खरीद, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में अपनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चंद्रा समेत कई राज्यों के कृषि मंत्री, आईसीएआर के महानिदेशक और वरिष्ठ वैज्ञानिक मौजूद रहे।