शिवसेना (UBT) में बड़ी बगावत! 6 सांसद जा सकते हैं शिंदे गुट में
💥महाराष्ट्र की राजनीति में फिर भूचाल! शिवसेना (UBT) में बड़ी बगावत, एकनाथ शिंदे के संपर्क में उद्धव के 6 सांसद?
मुंबई/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बाद अब विपक्षी खेमे (I.N.D.I.A ब्लॉक) की एक और प्रमुख पार्टी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गहरे संकट में घिरती नजर आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से 7 सांसद बागी होने की राह पर हैं और वे सत्ताधारी एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
इस सियासी तूफान के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सख्त लहजे में कहा है कि ‘जो जाना चाहते हैं, वो खुशी से जाएं’।
‘The Politics Again’ की इस विशेष राजनीतिक रिपोर्ट में आइए समझते हैं इस बगावत की इनसाइड स्टोरी:
📞 उद्धव ठाकरे के कई सांसदों के फोन बंद, दिल्ली में डटे शिंदे
खबरों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के 6 सांसद या तो दिल्ली पहुंच गए हैं या बुधवार तक पहुंचने वाले हैं। पार्टी के कई सांसदों के फोन अचानक बंद हो गए हैं और वे संपर्क से बाहर हैं।
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इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे मंगलवार देर रात अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जिसने पाला बदलने की अटकलों को और पुख्ता कर दिया है।
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पार्टी में टूट की आशंका को देखते हुए खुद उद्धव ठाकरे ने कमान संभाल ली है। वे संपर्क से बाहर चल रहे सांसदों को मनाने और तालमेल बिठाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
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बुधवार को दिल्ली में संसदीय दल की एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें उद्धव के करीबी सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई शामिल होंगे।
💰 संजय राउत का गंभीर आरोप: “सांसदों को 15 करोड़ का एडवांस”
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी।
उन्होंने लिखा, “अपना सपना मनी… मनी। ऐसी सूचना है कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए आज रात ₹15 करोड़ का एडवांस दिया जाएगा। यह चौंकाने वाला और घृणित है।” हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पार्टी में कोई टूट हो रही है।
👑बगावत की असली वजह: आदित्य ठाकरे का बढ़ता ‘कद’?
शिंदे खेमे के एक नेता ने दावा किया है कि इस बगावत के पीछे की मुख्य वजह पार्टी में आदित्य ठाकरे की बढ़ती भूमिका है।
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सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) 19 जून (पार्टी के 60वें स्थापना दिवस) को आदित्य ठाकरे को लेकर कोई बड़ी घोषणा करने की योजना बना रही थी।
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पाला बदलने के इच्छुक कई वरिष्ठ सांसदों को पार्टी के भीतर आदित्य के और अधिक ‘वरिष्ठ’ होने की संभावना बिल्कुल अस्वीकार्य है। इसी नाराजगी के चलते रविवार को उद्धव द्वारा बुलाई गई बैठक में 9 में से केवल 4 सांसद ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे।
📝 स्पीकर ओम बिरला को पत्र: दलबदल कानून की चेतावनी
टूट के इस खतरे को भांपते हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को देर रात एक पत्र भेजा है।
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पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शिवसेना (उबाठा) ही लोकसभा में मान्यता प्राप्त एकमात्र राजनीतिक पार्टी है।
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सावंत ने अनुरोध किया है कि यदि कोई अलग हुआ गुट (Rebel Group) लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष मान्यता या सुविधाओं की मांग करता है, तो उस पर कोई भी निर्णय लेने से पहले पार्टी (UBT) को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए।
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पार्टी ने संविधान की ‘दसवीं अनुसूची’ (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत आवश्यक कानूनी उपाय अपनाने की चेतावनी भी दी है।
अब देखना यह है कि क्या उद्धव ठाकरे इस नए ‘शिंदे-पैटर्न’ के झटके को रोक पाते हैं, या महाराष्ट्र में एक बार फिर से सियासी समीकरण बदल जाएंगे।
नोट: महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे घमासान, दलबदल की खबरों और शिवसेना (UBT) के हर बड़े अपडेट के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











