ग्राम सभा भागीदारी पर राष्ट्रीय रिपोर्ट आज होगी जारी
ग्राम सभा में कम भागीदारी पर राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट आज होगी जारी, नीति आयोग सदस्य करेंगे विमोचन”
नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देशभर में ग्राम सभाओं में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और पंचायती राज संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ग्राम सभा में कम भागीदारी पर राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट मंगलवार, 30 जून 2026 को नई दिल्ली में जारी की जाएगी। रिपोर्ट का विमोचन नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम करेंगे।
इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद, शोधकर्ता तथा पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े विभिन्न हितधारक भी उपस्थित रहेंगे।
26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया गया व्यापक अध्ययन
यह राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट पंचायती राज मंत्रालय के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) द्वारा तैयार की गई है।
अध्ययन के दौरान 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लगभग 400 ग्राम पंचायतों का सर्वेक्षण किया गया।
रिपोर्ट के लिए करीब 7,790 लोगों से बातचीत और क्षेत्रीय अध्ययन किया गया। इसमें सामान्य ग्राम पंचायतों के साथ-साथ पीईएसए (PESA) क्षेत्रों और महिला नेतृत्व वाली ग्राम पंचायतों को भी शामिल किया गया, ताकि विभिन्न परिस्थितियों में ग्राम सभा की कार्यप्रणाली का व्यापक आकलन किया जा सके।
किन पहलुओं का किया गया विश्लेषण
रिपोर्ट में ग्राम सभा में कम भागीदारी के पीछे जिम्मेदार विभिन्न कारणों का विस्तार से अध्ययन किया गया है।
इनमें नागरिकों का जागरूकता स्तर, सूचना एवं संचार व्यवस्था, महिलाओं और वंचित वर्गों की भागीदारी, संस्थागत जवाबदेही, स्थानीय शासन की कार्यप्रणाली, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा ग्राम सभा के प्रति लोगों की धारणा जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि किन कारणों से ग्रामीण नागरिक ग्राम सभा की बैठकों में अपेक्षित संख्या में भाग नहीं लेते और इस स्थिति में सुधार के लिए कौन-से व्यावहारिक कदम उठाए जा सकते हैं।
नीति निर्माण में मिलेगी मदद
रिपोर्ट में साक्ष्य-आधारित सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं, जिनका उपयोग भविष्य में नीति निर्माण, संस्थागत सुधार और ग्राम सभा में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत ग्राम सभाएं स्थानीय लोकतंत्र को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संविधान में ग्राम सभा का विशेष महत्व
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243ए के तहत ग्राम सभा को स्थानीय स्वशासन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई माना गया है।
ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण नागरिक विकास योजनाओं, स्थानीय समस्याओं और पंचायत के कार्यों में प्रत्यक्ष भागीदारी निभाते हैं।
राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट का उद्देश्य ग्राम सभाओं को अधिक सक्रिय, समावेशी और जवाबदेह बनाना है, ताकि ग्रामीण भारत में लोकतांत्रिक भागीदारी को और मजबूत किया जा सके तथा पंचायती राज संस्थाओं की कार्यक्षमता में सुधार हो।











