Farmers using Kisan Sarathi digital platform to access agriculture experts, weather updates and government schemes

किसान सारथी: किसानों के लिए डिजिटल कृषि सलाह मंच

किसान सारथी मंच बना किसानों का डिजिटल साथी, 2.95 करोड़ किसानों को मिल रही कृषि सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी”

नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने और किसानों तक समय पर वैज्ञानिक सलाह पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘किसान सारथी’ मंच देश के सबसे बड़े एकीकृत डिजिटल कृषि-परामर्श प्लेटफॉर्म के रूप में उभरकर सामने आया है।

जुलाई 2021 में शुरू किए गए इस मंच के माध्यम से किसानों को कृषि विशेषज्ञों से सीधा परामर्श, मौसम की जानकारी, मंडी भाव, सरकारी योजनाओं का विवरण तथा स्थानीय भाषा में कृषि संबंधी समाधान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

यह मंच इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की संयुक्त पहल है।

इसका संचालन भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान (IASRI) और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है।

किसानों और विशेषज्ञों के बीच बना डिजिटल पुल

किसान सारथी इंटरैक्टिव इन्फॉर्मेशन डिसेमिनेशन सिस्टम (IIDS) पर आधारित है, जो किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच दो-तरफा संवाद की सुविधा उपलब्ध कराता है।

इस तकनीक के माध्यम से प्रयोगशाला में विकसित नई कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक सलाह को सीधे खेतों तक पहुंचाया जा रहा है।

यह मंच देशभर के 730 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), 100 से अधिक आईसीएआर संस्थानों तथा 65 से अधिक कृषि विश्वविद्यालयों को एक साथ जोड़ता है, जिससे किसानों को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार विश्वसनीय सलाह मिलती है।

एक ही मंच पर कई सुविधाएं

किसान सारथी के जरिए किसानों को कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

इनमें कृषि परामर्श, मौसम का पूर्वानुमान, मंडी भाव, सरकारी योजनाओं की जानकारी, कृषि विशेषज्ञों से बातचीत, प्रशिक्षण कार्यक्रम और वीडियो परामर्श जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इसके अलावा किसान पीएम-किसान सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी और आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।

25 जून 2026 तक इस पोर्टल पर 610 सरकारी योजनाएं उपलब्ध थीं, जिनमें 102 केंद्र सरकार की योजनाएं शामिल हैं।

कई माध्यमों से उपलब्ध है सेवा

देशभर में डिजिटल संसाधनों की असमान उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए किसान सारथी को कई माध्यमों से जोड़ा गया है।

किसान किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

मंच 13 क्षेत्रीय भाषाओं में कृषि विशेषज्ञों से लाइव संवाद की सुविधा भी प्रदान करता है, जिससे स्थानीय भाषा में सलाह प्राप्त करना आसान हो गया है।

फसल से लेकर पशुपालन तक हर क्षेत्र की जानकारी

किसान सारथी के माध्यम से किसानों को धान, गेहूं, दलहन, तिलहन, बागवानी, चारा फसलों के अलावा पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन जैसे क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराई जाती है।

किसान अपनी समस्याओं से जुड़े प्रश्न विशेषज्ञों से पूछ सकते हैं और आवश्यकतानुसार व्यक्तिगत परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं।

देशभर में तेजी से बढ़ा दायरा

25 जून 2026 तक किसान सारथी की सेवाएं 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों, 768 जिलों और 6.63 लाख गांवों तक पहुंच चुकी हैं।

मंच पर 2.95 करोड़ किसान पंजीकृत हैं, जिनमें 56.16 लाख महिला किसान भी शामिल हैं। अब तक 19.21 लाख कृषि संबंधी प्रश्नों का समाधान किया जा चुका है तथा 21,900 से अधिक कृषि परामर्श जारी किए गए हैं।

नीति निर्माण में भी मिल रही मदद

किसान सारथी केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और नीति-निर्माताओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है।

मंच से प्राप्त आंकड़ों और फील्ड इनसाइट्स के आधार पर कृषि नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक, बहुभाषी सेवाओं और वैज्ञानिक परामर्श के माध्यम से किसान सारथी भारत के कृषि क्षेत्र को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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