रेलवे स्टेशन पुनर्विकास : बोरीवली, अंबाला में बनेंगी नई सुविधाएं
🚉बदलेंगे देश के व्यस्त रेलवे स्टेशन: रेल मंत्री ने परखा मास्टर प्लान; बोरीवली, अंबाला और मंगलुरु में बनेंगे नए प्लेटफॉर्म, दूर होगी भीड़ की समस्या
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय रेलवे (Indian Railways) देश के कुछ सबसे व्यस्त और प्रमुख रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प करने जा रहा है।
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने आज (15 जून 2026) रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और रेल राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू के साथ बोरीवली (मुंबई), अंबाला और मंगलुरु जैसे व्यस्त स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि इन स्टेशनों के मास्टर प्लान में यात्रियों के लिए क्या नई सुविधाएं जुड़ने वाली हैं और रेल मंत्री ने अधिकारियों को क्या सख्त निर्देश दिए हैं:
🚧 बिना असुविधा के होगा निर्माण, भविष्य के लिए होंगे तैयार स्टेशन
समीक्षा बैठक के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुनर्विकास का काम (Redevelopment Work) इस तरह किया जाए कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और ट्रेनों के संचालन में कोई रुकावट न आए।
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उद्देश्य: इस मास्टर प्लान का मुख्य मकसद मौजूदा भीड़-भाड़ की समस्या को खत्म करना और स्टेशनों को भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से अपग्रेड करना है।
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नई सुविधाएं: योजना के तहत स्टेशनों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, चौड़े फुट ओवर ब्रिज (FOB), स्टेशन में आने-जाने के ज्यादा रास्ते, बेहतर सर्कुलेशन एरिया और मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन (जैसे बस और मेट्रो से सीधा संपर्क) जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
🚆 बोरीवली और कांदिवली का होगा ‘इंटीग्रेटेड’ विकास
समीक्षा में मुंबई के बोरीवली स्टेशन पर खास फोकस रहा, जहां रोजाना 3.65 लाख यात्री आते-जाते हैं।
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भीड़ होगी कम: बोरीवली पर भीड़ कम करने के लिए एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, बड़े कॉनकोर्स, लिफ्ट और एस्केलेटर बनाए जाएंगे।
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कांदिवली का भी विकास: मास्टर प्लान के तहत बोरीवली से 2 किमी दूर ‘कांदिवली स्टेशन’ को भी समानांतर रूप से विकसित किया जाएगा।
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रेलवे के पास यहां काफी जमीन है, जिसका इस्तेमाल मल्टी-लेवल पार्किंग, पिक-अप/ड्रॉप जोन और पारगमन-आधारित विकास के लिए किया जाएगा। इससे बोरीवली का भार काफी हद तक कांदिवली पर शिफ्ट हो सकेगा।
🚉 अंबाला कैंट: मिलेंगे 2 नए प्लेटफॉर्म और 12 मीटर चौड़ा FOB
उत्तर भारत के अहम जंक्शन अंबाला कैंट स्टेशन से रोजाना 328 ट्रेनें गुजरती हैं और 44,000 यात्री सफर करते हैं।
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यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अंबाला को दो नए ‘पूरी लंबाई’ वाले प्लेटफॉर्म और एक 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज (FOB) मिलेगा।
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इसके साथ ही अतिरिक्त एस्केलेटर, लिफ्ट और जमीन पर नई पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को काफी राहत मिलेगी।
🌴 मंगलुरु सेंट्रल: बढ़ेंगी ट्रेनें, बनेंगी आधुनिक सुविधाएं
दक्षिण भारत के अहम मंगलुरु सेंट्रल स्टेशन से फिलहाल रोजाना 50 ट्रेनें और 28,000 यात्री गुजरते हैं।
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भविष्य में ज्यादा ट्रेनों के संचालन को ध्यान में रखते हुए यहां भी दो नए प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव है।
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यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए 6 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज, बेहतर प्लेटफॉर्म शेल्टर और स्टेशन के अंदर एस्केलेटर व लिफ्ट लगाए जाएंगे।
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि योजना के अगले चरणों में स्थानीय सांसदों, विधायकों और राज्य सरकारों से बातचीत की जाए ताकि स्थानीय जरूरतों को अंतिम डिजाइन में शामिल किया जा सके। स्टेशनों का डिजाइन गुणवत्ता, मजबूती और यात्रियों की सुविधा पर आधारित होगा।
नोट: भारतीय रेलवे के नए प्रोजेक्ट्स, यात्री सुविधाओं, ट्रेनों के अपडेट और आधारभूत ढांचे के विकास की हर विश्वसनीय खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











