Sukhendu Sekhar Roy Resigns TMC

TMC में टूट: सुखेन्दु शेखर राय का इस्तीफा, 14 सांसदों की BJP नेताओं से मुलाकात

TMC में बड़ी बगावत: सुखेन्दु शेखर राय का इस्तीफा, 14 सांसदों ने की CM शुभेंदु अधिकारी और BJP नेताओं से मुलाकात”

नई दिल्ली/कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने इतिहास के सबसे बड़े और गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

‘The Politics Again’ की राजनीतिक डेस्क के अनुसार, सोमवार को संसद में पार्टी को तब बड़ा झटका लगा जब राज्यसभा के वरिष्ठ सांसद सुखेन्दु शेखर राय ने उच्च सदन और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

यह इस्तीफा ऐसे समय में हुआ है जब बंगाल विधानसभा में पार्टी के विधायकों के एक बड़े गुट ने विद्रोह कर दिया है और दिल्ली में टीएमसी के कई सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं के संपर्क में हैं।

सुखेन्दु शेखर राय का इस्तीफा और ‘RG कर’ केस पर निशाना

वर्ष 2011 से लगातार तीन बार राज्यसभा के सदस्य रहे सुखेन्दु शेखर राय कभी पार्टी के सबसे प्रमुख और वरिष्ठ चेहरों में से एक थे। 2021 के नंदीग्राम चुनाव में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

हालांकि, पिछले कुछ समय से, विशेषकर ‘आरजी कर’ (RG Kar) मामले के बाद से उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दरार आ गई थी। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया:

  • सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप: राय ने कहा, “मैंने पुलिस आयुक्त और आरजी कर मामले के प्रमुख से हिरासत में पूछताछ की मांग की थी। मुझे अब भी विश्वास है कि सबूतों से छेड़छाड़ में उनकी ही मुख्य भूमिका थी।”

  • सत्ता का नशा: उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “सत्ता का नशा उनके (TMC के) सिर पर इस कदर चढ़ गया था कि उन्हें लगता था दुनिया में कोई उन्हें छू भी नहीं सकता।”

विधानसभा की बगावत अब संसद तक पहुंची

सुखेन्दु शेखर राय का यह इस्तीफा एक बहुत बड़े विद्रोह की कड़ी का हिस्सा है। हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के 80 में से लगभग 60 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर निष्कासित विधायक ऋतब्रता बनर्जी को ‘विपक्ष का नेता’ घोषित कर दिया था। राय ने पहले ही चेतावनी दी थी कि विधानसभा की यह अशांति जल्द ही संसद तक फैलेगी।

दिल्ली में बड़ा खेल: 14 सांसदों की BJP नेताओं से मुलाकात

एक तरफ नई दिल्ली में ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक की बड़ी बैठक चल रही है, तो दूसरी तरफ टीएमसी में बड़ी टूट की पटकथा लिखी जा रही है।

  • BJP नेताओं से संपर्क: टीएमसी के 14 सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है। इस अहम बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • 5 लोकसभा सांसदों से राय की मंत्रणा: इस्तीफे के तुरंत बाद, सुखेन्दु शेखर राय ने टीएमसी के 5 लोकसभा सांसदों के साथ नई दिल्ली में मुलाकात की, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि पार्टी के कई और सांसद जल्द ही पाला बदल सकते हैं।

“बिचौलियों, चोरों और बलात्कारियों का कब्जा”

सुखेन्दु शेखर राय ने बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार (97-98% मतदान के साथ) बनने का जिक्र करते हुए टीएमसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए:

  • जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी: उन्होंने कहा कि वर्षों तक वाम मोर्चे के खिलाफ खून-पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया और पार्टी पर बिचौलियों, चोरों, डाकुओं और बलात्कारियों का कब्जा हो गया।

  • भ्रष्टाचार के आरोप: राय ने पंचायत नेताओं और पूर्व मंत्रियों के अकूत भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते हुए कहा, “करोड़ों रुपये लूटे गए। गांव में सबसे बड़े घर, जिनमें स्विमिंग पूल और विदेशी पक्षी हैं, वे पंचायत नेताओं के हैं।”

  • फॉरेंसिक ऑडिट की मांग: उन्होंने नई भाजपा सरकार से मांग की है कि पिछले पांच वर्षों में बंगाल के हर अस्पताल द्वारा की गई खरीद की तत्काल जांच हो और उनका फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

संसद से लेकर सड़क तक टीएमसी में मची यह भगदड़ ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य के लिए एक बड़े खतरे का संकेत दे रही है।