INDIA गठबंधन की बैठक: AAP और DMK की रही ‘नो-एंट्री’
INDIA गठबंधन की बैठक: AAP और DMK की ‘नो-एंट्री’, 23 दलों ने भरी हुंकार; खरगे बोले- ‘हमारा खेमा एकजुट, संविधान पर हमले जारी’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद ‘इंडिया’ (INDIA – इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन ने सोमवार को एक बार फिर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की।
‘The Politics Again’ की राजनीतिक डेस्क के अनुसार, राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 23 विपक्षी दलों के दिग्गजों ने 2029 के आम चुनाव और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए रणनीतिक मंथन किया।
हालांकि, इस बहुप्रतीक्षित बैठक से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) और एम.के. स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) की अनुपस्थिति ने विपक्षी एकता पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिग्गजों का जमावड़ा: ये नेता हुए शामिल
दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई इस ‘जनबंधन’ बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हिस्सा लिया।
इसके अलावा, हाल ही में पश्चिम बंगाल की सत्ता गंवाने वाली टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ और माकपा व भाकपा सहित कई वामपंथी व छोटी पार्टियां भी मौजूद रहीं।
AAP और DMK ने क्यों किया बहिष्कार?
बैठक में विपक्ष की एकता उस समय तार-तार होती दिखी जब दो प्रमुख दलों ने किनारा कर लिया:
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आम आदमी पार्टी का सीधा हमला: आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,
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“कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य खुद को मजबूत करना है, देश को नहीं। कांग्रेस क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों को कमजोर करने के लिए भाजपा के साथ मिलीभगत कर रही है।” उन्होंने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा गठबंधन तोड़ने का भी जिक्र किया।
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डीएमके की नाराजगी: तमिलनाडु में कांग्रेस ने अचानक डीएमके का साथ छोड़कर अभिनेता विजय की नवगठित पार्टी ‘टीवीके’ (TVK) के साथ मिलकर सरकार बना ली। डीएमके इसे ‘पीठ में छुरा घोंपना’ मान रही है।
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पार्टी ने पिछले महीने ही लोकसभा अध्यक्ष से संसद में अपने सांसदों की सीटें बदलने का अनुरोध कर दिया था, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि डीएमके अब इस विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है।
“संविधान पर हमले जारी”: खरगे ने सरकार पर साधा निशाना
अपनों की बगावत के बावजूद, इंडिया ब्लॉक के शीर्ष नेताओं ने गठबंधन के एकजुट होने का दावा किया है। बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर तीखे प्रहार किए:
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एजेंसियों का दुरुपयोग: खरगे ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने, धमकाने और उन पर दबाव बनाने के लिए लगातार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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परीक्षा प्रणाली पर सवाल: उन्होंने कहा, “परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाएं और आकांक्षाएं चकनाचूर हो रही हैं।”
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विदेश नीति और अत्याचार: खरगे ने भाजपा शासित राज्यों में कमजोर वर्गों पर अत्याचार और भारत की विदेश नीति के कमजोर होने का भी मुद्दा उठाया।
अगला बड़ा लक्ष्य: ‘मिशन यूपी 2027’
इस बैठक का एक मुख्य एजेंडा अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (2027) को लेकर भी था।
यूपी, जहां से ‘दिल्ली का रास्ता’ तय होता है, वहां भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के लिए यूपी में भाजपा के विजय रथ को रोकना सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है।











