: TMC Leader Jahangir Khan Arrested

बंगाल: जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार, ‘पुष्पा’ बनकर दी थी चुनौती

बंगाल: ‘सिंघम’ के आगे पस्त हुआ TMC का ‘पुष्पा’, नेपाल भागने की फिराक में था जहांगीर खान; एसटीएफ ने बॉर्डर से दबोचा”

कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान ‘पुष्पा’ (Pushpa) बनकर पुलिस को खुली चुनौती देने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बाहुबली नेता जहांगीर खान का गुरूर आखिरकार टूट गया है।

‘The Politics Again’ की इन्वेस्टिगेशन डेस्क के अनुसार, जबरन वसूली, चुनावी हिंसा और मारपीट के कई संगीन मामलों में हफ्तों से फरार चल रहे जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार को भारत-नेपाल सीमा (India-Nepal Border) के पास से गिरफ्तार कर लिया है। वह गुपचुप तरीके से देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में था।

‘सिंघम’ बनाम ‘पुष्पा’: क्या है यह पूरा विवाद?

जहांगीर खान की गिरफ्तारी केवल एक राजनीतिक अपराधी की धरपकड़ नहीं है, बल्कि यह एक हाई-प्रोफाइल पुलिस अफसर और एक दबंग नेता के बीच हुई सीधी तनातनी का नतीजा है।

  • पुलिस पर्यवेक्षक की चेतावनी: चुनाव से पहले, चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त तेज-तर्रार पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा (जिन्हें पुलिस महकमे में ‘सिंघम’ के नाम से जाना जाता है) ने जहांगीर खान के घर जाकर उसके परिवार को कड़ी चेतावनी दी थी।

  • शर्मा ने स्पष्ट कहा था कि चुनाव के दिन मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • जहांगीर का गुरूर: इस कार्रवाई से बौखलाए जहांगीर खान ने पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा को सीधी चुनौती देते हुए सार्वजनिक रूप से कहा था, “अगर वह सिंघम है, तो मैं पुष्पा हूं।”

हालांकि, चुनाव के बाद पुलिस की सख्ती बढ़ते ही ‘पुष्पा’ की सारी हेकड़ी गायब हो गई और वह हफ्तों तक अंडरग्राउंड (फरार) रहा, जिसके बाद आखिरकार एसटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उसका सुराग लगाकर उसे दबोच लिया।

फालटा विधानसभा में भारी बवाल: EC ने रद्द किया था चुनाव

जहांगीर खान और उसके गुर्गों पर फालटा विधानसभा क्षेत्र (Falta Assembly Constituency) में बड़े पैमाने पर चुनावी हिंसा और धांधली के आरोप हैं।

इन धांधलियों का स्तर इतना गंभीर था कि चुनाव आयोग (Election Commission) को कड़ा कदम उठाना पड़ा:

  • परिणाम से दो दिन पहले चुनाव रद्द: पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए गए थे, लेकिन फालटा में चुनाव परिणामों से ठीक दो दिन पहले चुनाव आयोग ने वहां की मतदान प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा मतदान (Re-polling) का आदेश दिया था।

  • गंभीर चुनावी अपराध: केंद्रीय चुनाव निकाय ने फालटा में “गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन” का हवाला दिया था।

  • ईवीएम से छेड़छाड़ और सीसीटीवी गायब: जांच में सामने आया कि फालटा के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को बुरी तरह डराया-धमकाया गया।

  • यहां तक कि ईवीएम (EVM) में भी छेड़छाड़ की गई और विपक्षी उम्मीदवारों के नाम तक मिटा दिए गए।

  • मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता जांचने के लिए जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो वे भी अपर्याप्त या गायब मिले।

फिलहाल जहांगीर खान पुलिस की हिरासत में है और उससे फालटा में हुई चुनावी धांधली, वसूली सिंडिकेट और उसके अन्य फरार साथियों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।