यूपी: ULFA को फंडिंग करने वाले 2 आतंकी उन्नाव से गिरफ्तार, UAPA दर्ज
यूपी में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: ULFA को फंडिंग करने वाले 2 उग्रवादी उन्नाव से गिरफ्तार, 8 महीने से बदलकर रह रहे थे भेष”
उन्नाव/गुवाहाटी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश और असम पुलिस के एक बड़े और सफल जॉइंट ऑपरेशन में असम के कुख्यात अलगाववादी उग्रवादी संगठन ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम’ (ULFA-I) के नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।
यूपी के उन्नाव जिले से उल्फा-आई के लिए टेरर फंडिंग (Terror Funding) करने वाले दो बेहद शातिर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि ये दोनों आरोपित पिछले 8 महीनों से यूपी पुलिस और खुफिया एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र में छिपकर रह रहे थे।
कौन हैं गिरफ्तार किए गए उल्फा के गुर्गे?
असम पुलिस और यूपी की स्वाट (SWAT) टीम द्वारा पकड़े गए दोनों आरोपित उत्तर प्रदेश के ही मूल निवासी हैं:
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नूर मुहम्मद: निवासी- एचएन 126 हबीबगढ़ एलाटा कॉलोनी, थाना कुतुबशेर, जिला सहारनपुर।
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मुहम्मद सुभान अहमद (31 वर्ष): निवासी- नया चौक (मकान नंबर 40/52, चक नं. 40), मूलगंज क्षेत्र, जनपद कानपुर।
ये दोनों उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र के ‘बुधवारी मोहल्ले’ में शहादत नाम के व्यक्ति के घर में किराएदार बनकर रह रहे थे।
UAPA के तहत दर्ज है केस, ऐसे हुआ लोकेशन का खुलासा
असम पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपित असम में सक्रिय सशस्त्र अलगाववादी संगठन (ULFA-I) को लगातार वित्तीय सहायता (फंडिंग) मुहैया करा रहे थे।
पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद इसी वर्ष (2026) असम के तिनसुकिया जनपद की सदर कोतवाली में दोनों के खिलाफ UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
गिरफ्तारी का पूरा ऑपरेशन:
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तिनसुकिया क्राइम ब्रांच के डीएसपी (S&I) रितूपर्णो गोगोई इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रहे थे।
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इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से दोनों आतंकियों की लोकेशन यूपी के उन्नाव में ट्रेस हुई।
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इसके बाद असम पुलिस ने उन्नाव के एसपी जय प्रकाश सिंह से मदद मांगी।
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उन्नाव की सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और असम पुलिस ने संयुक्त रूप से बुधवारी मोहल्ले में छापेमारी कर दोनों को धर दबोचा।
ट्रांजिट रिमांड पर असम ले गई पुलिस
गिरफ्तारी के बाद असम पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों आरोपितों को उन्नाव की सीजेएम (CJM) कोर्ट में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड की मांग की। सीजेएम भाव्या तिवारी ने रिमांड पत्रावलियों की सुनवाई के बाद इसकी स्वीकृति दे दी।
सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद असम पुलिस की टीम दोनों उग्रवादियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अपने साथ असम लेकर रवाना हो गई है, जहां उनसे उल्फा नेटवर्क और फंडिंग के अन्य स्रोतों को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी।











