Assam UCC Bill Passed

असम विधानसभा में UCC बिल पास: बहुविवाह पर 7 साल की जेल

असम में यूसीसी (UCC) बिल पास : बहुविवाह पर 7 साल की जेल, लिव-इन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य; ऐसा करने वाला देश का तीसरा राज्य बना”

गुवाहाटी/दिसपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम देश का तीसरा ऐसा राज्य बन गया है, जहां समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू होने जा रहा है।

असम विधानसभा ने बुधवार को भारी हंगामे और विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड, असम, 2026 बिल’ को ध्वनि मत से पारित कर दिया।

इस ऐतिहासिक बिल का मुख्य उद्देश्य राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को धर्म के दायरे से बाहर निकालकर एक समान कानूनी ढांचे के अंतर्गत लाना है।

सोमवार को विधानसभा में पेश किए गए इस बिल में कई कड़े दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

UCC बिल 2026 के मुख्य प्रावधान और सजा के नियम

असम सरकार द्वारा पारित इस नए कानून के तहत विवाह और लिव-इन संबंधों को लेकर सख्त नियम तय किए गए हैं:

  • बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध: राज्य में अब बहुविवाह (Polygamy) या दो विवाह करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने पर 7 साल की कैद का कड़ा प्रावधान किया गया है।

  • लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन: लिव-इन संबंधों में रहने वाले जोड़ों के लिए पंजीकरण (Registration) अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर 3 महीने की जेल हो सकती है।

  • एसटी (ST) समुदाय को छूट: विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि असम के अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes – ST) समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।

सदन में भारी हंगामा, विपक्ष ने की थी सेलेक्ट कमेटी की मांग

सदन में इस बिल पर पूरे दिन तीखी बहस चली। विपक्षी दलों ने इस बिल को समाज के एक विशेष वर्ग के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए इसे और अधिक चर्चा के लिए ‘सेलेक्ट कमेटी’ (प्रवर समिति) के पास भेजने की पुरजोर मांग की।

हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) रंजीत कुमार दास ने विपक्ष की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से इसे पास कराने के लिए पेश करने को कहा। इसके विरोध में विपक्षी विधायक सदन के वेल में आ गए और लगातार नारेबाजी करने लगे।

‘जय श्री राम’ के नारों के बीच ध्वनि मत से पास हुआ बिल

विपक्ष के हंगामे के बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के जोरदार नारे लगाए।

इसी शोरगुल के बीच स्पीकर रंजीत कुमार दास ने बिल को ध्वनि मत से पास करने के लिए सदन पटल पर रखा।

सत्ता पक्ष के पूर्ण समर्थन के बाद स्पीकर ने घोषणा की, “मैं घोषणा करता हूँ कि यह बिल पास हो गया है।” बिल के पास होते ही पूरे सदन में जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इसका स्वागत किया गया।

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