राज्यसभा चुनाव: सपा ने उतारे रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी
राज्यसभा चुनाव: समाजवादी पार्टी ने उतारे प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी, बागी विधायकों और बीजेपी के असंतुष्टों पर टिकी नजरें”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। समाजवादी पार्टी (SP) ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दोनों उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है।
पार्टी ने अपने सबसे अनुभवी चेहरों में शुमार राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के साथ-साथ जाने-माने कॉरपोरेट लीडर और खेल प्रशासक धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
प्रत्याशियों की घोषणा के तुरंत बाद दोनों नेताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
कौन हैं धनराज परिमल नाथवानी?
सपा द्वारा उतारे गए दूसरे उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी देश के एक प्रतिष्ठित कॉरपोरेट लीडर हैं।
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वे वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) में ‘ग्रुप प्रेसिडेंट’ के पद पर कार्यरत हैं और अंबानी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनके पिता परिमल नाथवानी देश के जाने-माने उद्योगपति और राज्यसभा सांसद हैं।
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उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। कॉर्पोरेट जगत के अलावा उन्हें वन्यजीव संरक्षण (विशेषकर गुजरात के गिर के शेरों के संरक्षण) और फोटोग्राफी का गहरा शौक है।
सपा की नई सियासी चाल: बागी विधायकों और बीजेपी के असंतुष्टों को ऑफर
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए आगामी 16 अक्टूबर को मतदान होना है, जिसके लिए यूपी विधानसभा के निर्वाचित सदस्य वोट डालेंगे।
गणित के लिहाज से एक सीट जीतने के लिए न्यूनतम 37 प्राथमिक मतों की आवश्यकता है। वर्तमान में सपा के पास अपने 95 विधायकों का संख्या बल है, जिसके बूते वह अपने दो उम्मीदवार आसानी से जिता सकती है।
लेकिन खेल यहीं खत्म नहीं होता; सपा तीसरी सीट पर भी अपनी जीत की संभावना तलाश रही है और इसके लिए उसने बड़ी राजनीतिक बिसात बिछाई है:
- बागी और नाराज विधायकों की घर वापसी की आस: पिछले राज्यसभा चुनाव में सपा के खिलाफ जाकर बीजेपी प्रत्याशी संजय सेठ को वोट देने वाले विधायकों (राकेश पांडेय, विनोद चतुर्वेदी, आशुतोष मौर्य और पूजा पाल) में से पूजा पाल अब बीजेपी की पदाधिकारी बन चुकी हैं।
- हालांकि, शेष विधायकों के संबंध में सपा को उम्मीद है कि वे इस बार पार्टी के साथ आ सकते हैं।
- बीजेपी विधायकों को बड़ा ऑफर: सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि सपा ने उन बीजेपी विधायकों को भी बड़ा दांव खेला है, जिन्हें आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा टिकट काटे जाने की आशंका सता रही है।
- सपा की ओर से यह संदेश दिया गया है कि जो विधायक इस राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर सपा का साथ देगा, उसे 2027 के चुनाव में सपा के टिकट की गारंटी दी जा सकती है।
16 अक्टूबर को होगा मतदान
राज्यसभा की इन 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए राजनीतिक दलों ने जोड़-तोड़ और रणनीतिक बैठकें तेज कर दी हैं।
सपा के इस चौंकाने वाले और रणनीतिक दांव ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भूचाल ला दिया है, और सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बीजेपी खेमे में कोई सेंधमारी हो पाती है या नहीं।











