Successful flight test of DRDO's indigenous Long Range Land Attack Cruise Missile (LRLACM) from Dr. APJ Abdul Kalam Island, Odisha

DRDO की कामयाबी: स्वदेशी क्रूज मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण

🚀दुश्मनों की खैर नहीं! DRDO ने किया 100% ‘स्वदेशी क्रूज मिसाइल’ का सफल परीक्षण, लंबी दूरी तक मचाएगी तबाही “

नई दिल्ली/बालासोर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत की रक्षा क्षमताओं में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लंबी दूरी की सतह पर मार करने वाली स्वदेशी क्रूज मिसाइल यानी ‘लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल’ (LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस 100% स्वदेशी मिसाइल की खासियत और इस मिशन से जुड़ी अहम बातें:

🎯 ओडिशा तट से दागी गई मिसाइल, अचूक रहा निशाना

सोमवार (15 जून 2026) को ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस घातक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया।

  • चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) द्वारा तैनात विभिन्न ट्रैकिंग और अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों (रडार और टेलीमेट्री) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस मिसाइल ने परीक्षण के दौरान अपने सभी निर्धारित उद्देश्यों को शत-प्रतिशत सटीकता के साथ पूरा किया।

  • यह परीक्षण यह साबित करता है कि भारतीय सेना अब दुश्मन के ठिकानों को लंबी दूरी से भी नेस्तनाबूद करने में पूरी तरह सक्षम है।

🇮🇳 100% स्वदेशी है LRLACM, वायुसेना और नौसेना भी थीं मौजूद

इस क्रूज मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह से स्वदेशी (Indigenous) होना है।

  • इसकी सभी प्रमुख उप-प्रणालियां (Sub-Systems) डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय रक्षा उद्योग के साझेदारों द्वारा देश में ही विकसित की गई हैं।

  • बेंगलुरु स्थित ‘एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट’ (ADE) इस महत्वकांक्षी परियोजना की नोडल प्रयोगशाला है।

  • सबसे खास बात यह रही कि इस उड़ान परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय नौसेना (Indian Navy) और भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) के आला प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जो इस मिसाइल की रणनीतिक अहमता को दर्शाता है।

🎖️ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी वैज्ञानिकों को बधाई

इस शानदार सफलता पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और सभी रक्षा उद्योग साझेदारों को बधाई दी है। उन्होंने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Make in India) के विजन की एक बड़ी जीत बताया।

वहीं, रक्षा सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने इस मिशन से जुड़ी सभी गतिविधियों की स्वयं निगरानी की और इस स्वदेशी क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण में योगदान देने वाली पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के मिशनों के लिए शुभकामनाएं दीं।

नोट: भारतीय सशस्त्र बलों, रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) के नए अनुसंधान और देश की सुरक्षा से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।