फ्रांस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ शुरू: 30+ ग्लोबल समझौतों पर मुहर
🚀 फ्रांस के ‘नीस’ में गूंजा भारत का डंका: PM मोदी और मैक्रों ने किया ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का उद्घाटन, डीप-टेक और AI पर हुए 30+ ग्लोबल समझौते “
नीस (फ्रांस)/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत की ‘डीप-टेक’ (Deep-Tech) और नवाचार (Innovation) शक्ति अब यूरोप में अपना जलवा बिखेर रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने फ्रांस के ‘पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स डी नीस’ में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ (Bharat Innovates 2026) के पहले संस्करण का भव्य संयुक्त उद्घाटन किया।
शिक्षा मंत्रालय और भारत सरकार की इस दूरगामी पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के डीप-टेक नवोन्मेषकों (Innovators) और वैश्विक हितधारकों के बीच नवाचार-आधारित ग्लोबल साझेदारियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की मुख्य बातें और हुए बड़े समझौते:
🌟500+ ग्लोबल CEO और 120 भारतीय इनोवेटर्स का महाकुंभ
‘भारत इनोवेट्स 2026’ भारत के तेजी से बढ़ते नवाचार इकोसिस्टम को दुनिया के सामने प्रदर्शित कर रहा है।
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इस कार्यक्रम में 120 भारतीय इनोवेटर्स, 15 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) और ग्लोबल CEO, वेंचर कैपिटल फर्मों (VCs) सहित 500 से अधिक वैश्विक हितधारक शामिल हुए हैं।
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यह आयोजन 13 प्रमुख क्षेत्रों में भारत की प्रगति को दर्शा रहा है, जिनमें उन्नत कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Space Tech), जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं।
🧠 “₹20 हजार से बनी थी इंफोसिस” – नारायण मूर्ति ने दिया ‘गुरुमंत्र’
दोपहर के सत्र की शुरुआत आईटी दिग्गज इंफोसिस (Infosys) के संस्थापक श्री एन.आर. नारायण मूर्ति के मुख्य भाषण से हुई।
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उन्होंने मात्र $250 (करीब 20 हजार रुपये) से शुरू हुई इंफोसिस की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि सफल संस्थानों का निर्माण पारदर्शी गवर्नेंस (Governance) और विश्वास से होता है।
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उन्होंने शिक्षा संस्थानों को सलाह देते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य ज्ञान को नवाचार में और उद्यम को ‘सामाजिक प्रभाव’ में बदलना होना चाहिए।
🤝भारत-यूरोप के बीच हुए 30 से अधिक बड़े समझौते (MoUs)
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि 30 से अधिक नवाचार-केंद्रित ग्लोबल साझेदारियों पर हस्ताक्षर होना रहा:
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स्टार्टअप और ग्लोबल कॉर्पोरेशन: भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों और वैश्विक इनक्यूबेटरों के बीच 12 समझौते तथा भारतीय नवोन्मेषकों के लिए ग्लोबल बाजार तक पहुंच बनाने के लिए अग्रणी निगमों के साथ 16 समझौते हुए।
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IIT और फ्रांसीसी यूनिवर्सिटी: 13 फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों ने छात्र आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान के लिए 11 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के साथ साझेदारी की है।
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फ्रांस में बनेगी भारत की ‘अटल लैब’: नीति आयोग की अटल इनोवेशन मिशन और ला फाउंडेशन डसॉल्ट सिस्टम्स द्वारा फ्रांस में पहली ‘स्कूल इनोवेशन लैब’ स्थापित की जाएगी।
🤖 ‘वैश्विक भलाई के लिए AI’ पर जोर
कार्यक्रम के दौरान “वैश्विक भलाई के लिए एआई (AI for Global Good)” विषय पर एक अहम सत्र आयोजित हुआ।
इसमें भारत और फ्रांस के नीति निर्माताओं ने टेक्नोलॉजी पर एकाधिकार (Monopoly) के बजाय ओपन-सोर्स सहयोग और विश्वसनीय ‘एआई कॉरिडोर’ (AI Corridor) बनाने का आह्वान किया।
‘भारत इनोवेट्स 2026’ के पहले दिन ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब तकनीक का सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों का ग्लोबल लीडर बन चुका है।
नोट: भारत की तकनीकी उपलब्धियों, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और डीप-टेक इनोवेशन से जुड़ी हर विस्तृत खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











