राम मंदिर विवाद पर ओवैसी का बड़ा हमला
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर ओवैसी का सरकार पर निशाना, बोले- मामले का अलग तरीके से होता निपटारा”
बिजनौर : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर सियासत तेज होती जा रही है।
इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने अपने संबोधन में व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद और राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
ओवैसी ने क्या कहा?
जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि यदि ट्रस्ट में किसी मुस्लिम सदस्य को शामिल किया गया होता, तो कथित घोटाले के सामने आने के बाद उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उस पर कार्रवाई कर मामला समाप्त कर दिया जाता।
ओवैसी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए और कार्रवाई किसी की पहचान के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
ट्रस्ट और जांच पर भी उठाए सवाल
ओवैसी ने अपने संबोधन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रबंधन और जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से प्रभावी पूछताछ और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हालांकि, इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से आधिकारिक जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी है।
विपक्ष के निशाने पर बना चढ़ावा विवाद
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं का मामला लगातार राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और एआईएमआईएम सहित कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।
वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस विषय का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
जांच जारी
मामले में पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं। अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और वित्तीय लेन-देन सहित अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











