केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए

NEET UG पुनर्परीक्षा 2026: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की उच्च स्तरीय बैठक

एक्शन में सरकार: NEET UG पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की उच्च स्तरीय बैठक, दिए सख्त निर्देश “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा को लेकर मचे बवाल के बाद अब सरकार पुनर्परीक्षा में किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती है।

21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली ‘नीट यूजी पुनर्परीक्षा’ (NEET UG Re-exam) की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक में परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?

हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित इस अहम बैठक में देश भर से कुल 222 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इसमें शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। प्रमुख रूप से:

  • श्री संजय कुमार (सचिव, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग)

  • श्री विनीत जोशी (सचिव, उच्च शिक्षा विभाग)

  • श्री अभिषेक सिंह (महानिदेशक, NTA)

शिक्षा मंत्री के कड़े निर्देश: ‘सतर्क और पूरी तरह तैयार रहें’

समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और दक्षता के उच्चतम मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी सभी राज्यों में जाकर पुनर्परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित गतिविधियों का समन्वय करेंगे और NTA महानिदेशक के नेतृत्व वाले ‘कमांड सेंटर’ को सीधे रिपोर्ट करेंगे।

मंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि छात्रों को तनावमुक्त वातावरण और पीने के पानी जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

खुफिया एजेंसियों और पुलिस की ली जा रही मदद

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बैठक में आश्वस्त किया कि परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए NTA जिला स्तरीय समन्वय समितियों, राज्य पुलिस विभागों और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल, रसद व्यवस्था (Logistics) और शिकायत निवारण तंत्र पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने समय पर निर्देशों के प्रसार और प्रोटोकॉल के सख्त अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में शामिल सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों और कुलपतियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है ताकि उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान एक सुगम और परेशानी मुक्त अनुभव मिल सके।