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मोदी सरकार कैबिनेट फैसले: विमानन, प्रदूषण और हाईवे पर मुहर

केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: विमानन सेक्टर को 10 हजार करोड़ की राहत, दिल्ली-NCR प्रदूषण और 4 राज्यों में हाईवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और विमानन क्षेत्र को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन अहम निर्णयों की जानकारी दी।

‘The Politics Again’ की इस विस्तृत रिपोर्ट में जानिए कैबिनेट के फैसलों का आम जनता और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा।

विमानन क्षेत्र: 10 हजार करोड़ का ‘ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष’

पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी उछाल आया है।

मार्च 2026 में 60 रुपये प्रति लीटर वाला विमान ईंधन मई में 142 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। इसे देखते हुए सरकार ने एयरलाइंस को राहत देने के लिए एक विशेष कोष को मंजूरी दी है।

इसके तहत तेल विपणन कंपनियों को 10 हजार करोड़ रुपये तक की ब्याज मुक्त सहायता दी जाएगी।

इसके बदले में विमानन कंपनियों को अगले तीन साल तक केवल सरकारी तेल कंपनियों से ही ईंधन खरीदना होगा।

इस कदम से न केवल हवाई किराया नियंत्रण में रहेगा, बल्कि छोटे शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित होगी।

दिल्ली-NCR: प्रदूषण कम करने के लिए 9,585 करोड़ की महायोजना

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और यूपी) में वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए कैबिनेट ने 9,585 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना को हरी झंडी दी है।

आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में केवल 3 प्रतिशत भारी वाहन 36 प्रतिशत PM 2.5 प्रदूषण फैलाते हैं। इस योजना के तहत पुराने (BS-4 या उससे पुराने) ट्रकों और बसों को हटाकर नए BS-6 या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दिया जाएगा।

वाहन मालिकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 5 वर्षों तक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सहायता, ईंधन वाउचर और वाहन खरीद पर विशेष छूट प्रदान करेगी, जिससे करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों को सीधा फायदा होगा।

बुनियादी ढांचा: 4 राज्यों में 24,248 करोड़ के हाईवे प्रोजेक्ट्स मंजूर

देश के लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूत करने और रोजगार सृजन के लिए चार राज्यों (मध्य प्रदेश, तेलंगाना, बिहार और ओडिशा) में महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है:

  • मध्य प्रदेश (NH-347B): बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी को जोड़ने वाले 233 किमी लंबे हिस्से के उन्नयन के लिए 4,415 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे टेक्सटाइल और फूड पार्कों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

  • तेलंगाना (NH-63 व 563): निजामाबाद से करीमनगर के बीच 191 किमी सड़क को फोर-लेन बनाने के लिए 7,597 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे यात्रा का समय डेढ़ घंटा कम हो जाएगा।

  • बिहार (NH-31 व 231): खगड़िया से पूर्णिया तक 143 किमी फोर-लेन परियोजना (लागत 3,936 करोड़ रुपये) को मंजूरी मिली है। इसमें पूर्णिया शहर के लिए एक नया ग्रीनफील्ड बाईपास भी शामिल है।

  • ओडिशा (कोस्टल हाईवे): रामेश्वर से पारादीप तक 160 किमी लंबे नए तटीय राजमार्ग के निर्माण के लिए 8,300 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जो पर्यटन, मत्स्य उद्योग और बंदरगाह गतिविधियों को रफ्तार देगा।