जौनपुर: गाढ़ा शोरूम में भीषण आग, 80 लाख का नुकसान
जौनपुर में भीषण अग्निकांड: ‘प्रेम गाढ़ा भंडार’ शोरूम धू-धू कर जला, शॉर्ट सर्किट से 80 लाख का माल राख; डीएम ने दिए जांच के आदेश”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
जौनपुर के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित जोगियापुर में शनिवार की शाम एक कपड़े के शोरूम में लगी भीषण आग से हड़कंप मच गया।
आग इतनी भयावह थी कि इसका धुंआ 2 किलोमीटर दूर से ही दिखाई दे रहा था। शोरूम में रखा लगभग 70 से 80 लाख रुपये का कीमती सामान जलकर राख हो गया है।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि समय रहते शोरूम में मौजूद 10 कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया था।
कैसे हुई घटना?
आग ‘प्रेम गाढ़ा भंडार’ के टॉप फ्लोर पर बने गोदाम में लगी थी, जहां बड़ी मात्रा में कपड़े, फर्नीचर, गद्दे, कुशन और प्लास्टिक जैसी ज्वलनशील सामग्री रखी थी।
आग का पता तब चला जब ऊपर गए एक कर्मचारी ने लपटें देखीं और नीचे आकर सबको सतर्क किया।
शोरूम में काम करने वाले कर्मचारी आशीष गुप्ता ने बताया कि आग लगते ही सबमर्सिबल चलाने की कोशिश की गई, लेकिन लाइट कट जाने के कारण पानी का इंतजाम नहीं हो सका।
स्टाफ ने बाल्टियों से पानी डाल आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते आग पूरे गोदाम में फैल गई। शोरूम मालिक राघवेंद्र गाढ़ा ने बताया कि पोल से आए तार में स्पार्किंग हुई, जिससे यह हादसा हुआ।
15 मिनट में पहुंची फायर ब्रिगेड, 4 घंटे चली मशक्कत
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गईं। आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त गाड़ियां बुलानी पड़ीं। दमकलकर्मियों ने 4 घंटे से अधिक की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) सैमुअल पाल एन. और पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर अनुपम सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
जांच के लिए बनी समिति
डीएम सैमुअल पाल एन. ने बताया कि शोरूम में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) तो थे, लेकिन घबराहट की वजह से कर्मचारी उनका उपयोग नहीं कर सके, जिससे आग बेकाबू हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है, जिसमें अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा और एसडीएम सदर योगिता सिंह को शामिल किया गया है। समिति को 24 घंटे के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
शोरूम मालिक ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बहुत भारी नुकसान हुआ है, लेकिन उन्हें इस बात का सुकून है कि समय रहते उनके स्टाफ ने सतर्कता दिखाई और सभी कर्मचारियों की जान बच गई।











