CPI(M) and SFI organizing an open public gathering in Kolkata featuring historians and intellectuals for Independence Day

कोलकाता में 80 स्थानों पर बुद्धिजीवियों के साथ CPI(M) का कार्यक्रम

जनाधार बढ़ाने के लिए CPI(M) का नया प्रयोग: स्वतंत्रता दिवस पर कोलकाता में 80 स्थानों पर होंगे खुले कार्यक्रम, गैर-राजनीतिक वक्ताओं को मिलेगा मंच”

कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में अपना खिसकता हुआ जनाधार वापस पाने और आम लोगों से दोबारा जुड़ने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई (एम) ने एक नई और अनूठी रणनीति तैयार की है।

स्वतंत्रता दिवस को केंद्र में रखकर पार्टी की कोलकाता जिला कमेटी ने एक नया प्रयोग शुरू किया है, जिसके तहत पार्टी के मंचों से अब राजनेताओं के बजाय बुद्धिजीवी और नागरिक समाज के लोग जनता को संबोधित करेंगे।

80 स्थानों पर खुले कार्यक्रम, एक-तिहाई वक्ता होंगे गैर-राजनीतिक

कोलकाता जिला कमेटी ने 11 से 14 अगस्त तक शहर के 80 अलग-अलग स्थानों पर खुले (Open) कार्यक्रमों के आयोजन का फैसला किया है।

इन आयोजनों की सबसे खास बात यह है कि इनमें पार्टी नेताओं के भाषणों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।

इसके बजाय, इतिहासकारों, शोधकर्ताओं, रंगकर्मियों (Theater Artists) और नागरिक समाज से जुड़े विशिष्ट लोगों को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया जा रहा है।

पार्टी के मुताबिक, इन कार्यक्रमों में एक-तिहाई से अधिक वक्ता गैर-पार्टी (Non-Political) पृष्ठभूमि से होंगे।

माकपा ने माना है कि गैर-राजनीतिक लोगों को पार्टी के मंच पर जगह देने में कुछ राजनीतिक जोखिम हो सकता है, लेकिन आम जनता को पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ना इस समय उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

इतिहास के ‘विकृतीकरण’ का मुकाबला करने की रणनीति

कोलकाता जिला सचिव कल्लोल मजुमदार के अनुसार, इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को कथित रूप से विकृत करने के प्रयासों का तथ्यों और तर्कों के आधार पर कड़ा मुकाबला करना है।

पार्टी का मानना है कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके मूल मूल्यों को लेकर समाज में एक व्यापक जनसंवाद की जरूरत है।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रमों को केवल राजनीतिक भाषणबाजी तक सीमित न रखकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है।

SFI मना रहा है ‘आजादी सप्ताह’

माकपा के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने भी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 9 से 15 अगस्त तक पूरे राज्य में ‘आजादी सप्ताह’ मनाने का फैसला किया है।

  • आयोजन: इस एक सप्ताह के दौरान पूरे बंगाल में सभाएं, रैलियां, रक्तदान शिविर और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

  • आजादी रैली: 12 अगस्त को कोलकाता और मुर्शिदाबाद में एसएफआई द्वारा एक विशाल ‘आजादी रैली’ निकाली जाएगी।

इस अवसर पर माकपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम ने इतिहास को मिटाने के कथित प्रयासों का कड़ा विरोध करते हुए वामपंथी कार्यकर्ताओं से जनआंदोलन को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया है।

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