Exterior view of the new Indian Parliament building during the Monsoon Session

संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, राज्यसभा में 12 बिल पास

संसद का मानसून सत्र समाप्त: भारी हंगामे के बीच दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, राज्यसभा में 12 बिल हुए पास”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

भारी हंगामे, तीखी बहसों और लगातार गतिरोध के बाद गुरुवार को संसद का मानसून सत्र अपने निर्धारित समय पर समाप्त हो गया।

लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चितकाल (Sine Die) के लिए स्थगित कर दिया गया है।

पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखा टकराव देखने को मिला, जिसके चलते कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के ही पारित कराने पड़े।

इन प्रमुख मुद्दों पर गूंजा संसद

सत्र के दौरान विपक्ष ने कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिसके कारण बार-बार कार्यवाही रोकनी पड़ी। जिन मुद्दों पर सबसे ज्यादा हंगामा हुआ, उनमें शामिल हैं:

  • मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा।
  • दिल्ली में छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज।
  • राम मंदिर के चढ़ावे/चंदे से जुड़ा कथित विवाद।

राज्यसभा का रिपोर्ट कार्ड: 37 घंटे से अधिक चला सदन

सत्र के समापन पर राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन के कामकाज का ब्योरा पेश किया। उन्होंने लगातार हुए हंगामे और अव्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:

  • उच्च सदन (राज्यसभा) ने पूरे सत्र के दौरान कुल 37 घंटे 49 मिनट तक काम किया।
  • भारी शोर-शराबे और व्यवधान के बावजूद सदन ने अपना मुख्य विधायी कार्य पूरा किया और इस दौरान 12 महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार कर उन्हें पारित किया गया या वापस भेजा गया।

सभापति की नसीहत: “जनता के भरोसे को ठेस न पहुंचाएं”

सभापति ने सदस्यों को नसीहत देते हुए कहा कि संसद अपनी बात रखने और जनता की चिंताओं को उठाने का सबसे बड़ा मंच है, लेकिन हंगामे के कारण इस मौके का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो पाया।

उन्होंने कहा, “बार-बार होने वाला हंगामा उन लोगों के भरोसे को प्रभावित करता है, जिनका हम प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए हमें हर हाल में उच्च संसदीय आचरण को बनाए रखना चाहिए।”

वंदे मातरम के साथ कार्यवाही का समापन

सभापति के समापन भाषण के बाद राज्यसभा में परंपरानुसार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की धुन बजाई गई, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।