Jaunpur Ramdayalganj 33KV Line Protest

जौनपुर: 33KV हाईटेंशन लाइन का भारी विरोध, व्यापारियों का प्रदर्शन

जौनपुर: रामदयालगंज बाजार में 33KV हाईटेंशन लाइन का भारी विरोध, हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी कर रातों-रात गाड़े जा रहे खंभे” 

जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट 

जौनपुर जिले के घनी आबादी वाले रामदयालगंज बाजार में 33 हजार वोल्ट (33KV) की हाईटेंशन लाइन बिछाए जाने को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है।

शनिवार को लोकशक्ति उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण जायसवाल के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर इस ‘मौत के तार’ पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

व्यापारियों का सीधा आरोप है कि बिजली विभाग सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी कर रहा है और यह लाइन घरों के इतने करीब से गुजारी जा रही है कि भविष्य में किसी बड़े और दर्दनाक हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

घरों से मात्र 3-4 फीट की दूरी पर बिछ रही लाइन

लोकशक्ति उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण जायसवाल ने प्रशासन को अवगत कराया कि रामदयालगंज एक बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाला व्यापारिक क्षेत्र है।

  • सुरक्षा से खिलवाड़: एक तरफ जहां शहरों में 220/440 वोल्ट की सामान्य लाइनों को भी सुरक्षा के लिहाज से अंडरग्राउंड (भूमिगत) किया जा रहा है, वहीं इतनी खतरनाक 33KV की हाईटेंशन लाइन को खुले में घरों से मात्र 3-4 फीट की दूरी से ले जाया जा रहा है।

  • छतों पर जाना होगा जानलेवा: बाजार में अधिकांश मकान दो या तीन मंजिला हैं। परिवार अपनी छतों का उपयोग कपड़े सुखाने, बच्चों के खेलने और छोटे-मोटे कार्यक्रमों के लिए करते हैं। ऐसे में इतनी करीब से गुजरने वाले खुले हाई वोल्टेज तार हमेशा मौत का फंदा बने रहेंगे।

हाईकोर्ट के आदेश की उड़ रही धज्जियां, रात के अंधेरे में काम

इस पूरे मामले में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही और मनमानी भी सामने आई है।

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्देश: इस मामले में पूर्व में एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संबंधित विभाग को तीन सप्ताह के भीतर ‘रीज़न्ड एंड स्पीकिंग ऑर्डर’ (कारण सहित स्पष्ट आदेश) पारित करने का निर्देश दिया था। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी विभाग ने कोई स्पष्ट निर्णय नहीं दिया।

  • रात में गाड़े जा रहे खंभे: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग हाईकोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर, रात के अंधेरे में चुपचाप खंभे गाड़ने और तार बिछाने का काम कर रहा है।

  • जिस सड़क के किनारे हाईवे निर्माण के लिए बड़े पेड़ काटे गए थे, अब वहीं ये खतरनाक खंभे खड़े किए जा रहे हैं।

व्यापारियों की प्रमुख मांग:

व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से दो-टूक मांग की है कि 33,000 वोल्ट की इस खतरनाक लाइन को पूरी तरह से ‘भूमिगत केबल’ (Underground Cable) के माध्यम से बिछाया जाए या इसके लिए शहर के बाहर से कोई अन्य सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग खोजा जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए।