कल बदलेंगे 3 बड़े नियम: LPG सब्सिडी, FD और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
1 अक्तूबर 2026 से बदल जाएंगे ये 3 बड़े नियम: रसोई गैस सब्सिडी, बैंक एफडी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पर आया नया आदेश, जेब पर सीधा असर”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हर महीने की पहली तारीख अपने साथ आम जनता की जेब और जीवन से जुड़े कई नए बदलाव लेकर आती है।
1 अक्तूबर 2026 से भी देश में तीन बेहद महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इनमें रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की सब्सिडी, बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के बल्क डिपॉजिट नियम और जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के पंजीकरण की प्रक्रिया शामिल हैं।
यदि आपने समय रहते इन नियमों की जानकारी नहीं ली, तो इसका सीधा असर आपकी जेब और जरूरी प्रशासनिक कार्यों पर पड़ सकता है।
LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अक्तूबर 2026 से घरेलू एलपीजी सब्सिडी प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) अनिवार्य कर दिया गया है।
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सप्लाई नहीं रुकेगी, लेकिन सब्सिडी छिनी जाएगी: जिन उपभोक्ताओं ने अब तक बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं कराया है, उनके गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद नहीं होगी।
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हालांकि, उन्हें सिलेंडर मौजूदा बाजार भाव (बिना सब्सिडी वाली दर) पर ही खरीदना पड़ेगा।
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उद्देश्य: सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक ही सब्सिडी का लाभ पहुंचाना और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग को रोकना है।
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स्थिति: 19 सितंबर 2026 तक देश के करीब 89.9% सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करा चुके हैं।
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शेष उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए अपनी गैस एजेंसी पर जाकर इसे तुरंत पूरा करें।
बैंक FD और बल्क डिपॉजिट के नियमों में RBI का बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब फिक्स्ड डिपॉजिट में ‘बल्क डिपॉजिट’ (Bulk Deposit) की न्यूनतम सीमा 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक कर दी गई है।
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ब्याज दरों में स्वतंत्रता: अब 3 करोड़ रुपये से अधिक की एफडी पर बैंक अपनी तरलता और आवश्यकता के अनुसार अलग ब्याज दरें तय कर सकेंगे।
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सुबह 10:10 बजे तक वेबसाइट पर दरें दिखाना अनिवार्य: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आरबीआई ने निर्देश दिया है कि सभी बैंकों को प्रत्येक कार्यदिवस (Working Day) सुबह 10:00 बजे तक नई ब्याज दरें अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी।
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10 मिनट के ग्रेस पीरियड के साथ अधिकतम सुबह 10:10 बजे तक नई दरें दिखना अनिवार्य होगा।
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शाखाओं में एकरूपता: एक ही तारीख, समान राशि और समान अवधि वाली एफडी पर बैंक की सभी शाखाओं में एक समान ब्याज दर लागू होगी, जिससे ग्राहकों के साथ भेदभाव खत्म होगा।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियम हुए सख्त
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के नए प्रावधान 1 अक्तूबर 2026 से देश भर में प्रभावी हो रहे हैं।
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया द्वारा जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, जन्म या मृत्यु के देर से पंजीकरण (Delayed Registration) की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया गया है ताकि घटनाओं की समय पर सटीक रिपोर्टिंग हो सके।
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1 से 2 साल की देरी: घटना के 1 वर्ष के बाद और 2 वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने के लिए अब जिलाधिकारी (DM), उप-जिलाधिकारी (SDM) या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी।
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अधिकारी पूरी जांच-पड़ताल और निर्धारित विलंब शुल्क के बाद ही अनुमति देंगे।
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2 साल से अधिक की देरी: यदि जन्म या मृत्यु की घटना को 2 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, तो पंजीकरण केवल प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) के आदेश के बाद ही संभव हो सकेगा।











