भारतीय रेल : अब 8 घंटे पहले जारी होगा आरक्षण चार्ट, एक जुलाई से बदलेंगे तत्काल टिकट के ये नियम

“भारतीय रेलवे बड़े बदलावों की तैयारी की है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों के प्रस्थान से आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। बता दें कि 1 जुलाई, 2025 से केवल सत्यापित (वेरीफाइड) यूजर ही ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे”

नई दिल्ली 30 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बोर्ड ने ट्रेनों के प्रस्थान से आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब दोपहर 1400 (दोपहर दो) बजे से पहले प्रस्थान करने वाली ट्रेनों के आरक्षण चार्ट 2100 ( रात नौ) बजे से पहले ही तैयार हो जाएंगे। इससे वेटिंग लिस्ट टिकट वाले यात्रियों की अनिश्चितता कम होगी।

यात्रियों को वेटिंग लिस्ट की स्थिति के बारे में पहले से ही जानकारी मिल जाएगी। इससे दूरदराज के इलाकों या बड़े शहरों के उपनगरों से लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को फायदा होगा। इससे वेटिंग लिस्ट कन्फर्म न होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए अधिक समय भी मिलेगा।

रेलवे बोर्ड ने बताया कि नई यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के माध्यम से अब प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा 1 जुलाई, 2025 से आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल एप से तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर भी बदलाव होंगे। रेलवे के मुताबिक अब केवल प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को ही ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति मिलेगी।

जुलाई महीने से शुरू होगी ओटीपी वेरिफिकेशन

इसके अलावा, जुलाई, 2025 के अंत से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए वन टाइम पिन (ओटीपी) आधारित वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। इस ऑनलाइन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में यूजर अपने डिजिलॉकर अकाउंट की मदद ले सकते हैं।

वेरिफिकेशन के लिए डिजिलॉकर में सेव आधार कार्ड डाटा या किसी अन्य सरकारी आईडी का उपयोग किया जा सकता है। बता दें कि सत्यापन के लिए मान्य डॉक्यूमेंट या किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है, इसकी सूची रेलवे पहले ही जारी कर चुका है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की सुधारों की प्रगति की समीक्षा

भारतीय रेलवे यात्रा के अनुभव को यात्री-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रेलवे के साथ यात्री की यात्रा टिकट आरक्षण के चरण से शुरू होती है। रेलवे टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन सुधारों की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकटिंग सिस्टम स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और कुशल होना चाहिए। योजना यात्री सुविधा पर केंद्रित होनी चाहिए। सिस्टम को हमारे यात्रियों के लिए एक सहज और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना चाहिए।

रेल मंत्री ने यात्री आरक्षण प्रणाली के उन्नयन की समीक्षा की। यह परियोजना पिछले कुछ महीनों से क्रिस की तरफ से क्रियान्वित की जा रही है। नया पीआरएस मौजूदा लोड से दस गुना ज़्यादा भार संभालने में सक्षम है। यह मौजूदा पीआरएस में प्रति मिनट 32,000 टिकट से लगभग पांच गुना ज्यादा होगा।

टिकट पूछताछ क्षमता दस गुना बढ़ जाएगी, अर्थात प्रति मिनट पूछताछ 4 लाख से बढ़कर 40 लाख से अधिक हो जाएगी। नए पीआरएस में बहुभाषी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बुकिंग और पूछताछ इंटरफेस भी है। नए पीआरएस में उपयोगकर्ता अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे और किराया कैलेंडर देख सकेंगे। इसमें दिव्यांगजनों, छात्रों, मरीजों आदि के लिए भी एकीकृत सुविधाएं हैं।