नितिन नवीन की नई टीम में क्या है उत्तर प्रदेश का चुनावी सबसे बड़ा दांव ?
नितिन नवीन की टीम में चुनावी राज्यों पर बड़ा दांव: यूपी को मिली सबसे ज्यादा तरजीह, सपा के ‘PDA’ की काट और सामाजिक संतुलन पर फोकस”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम के गठन में आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों और सामाजिक समीकरणों को साधने पर सबसे बड़ा दांव खेला है। नई टीम में सर्वाधिक तवज्जो उत्तर प्रदेश को दी गई है, जहां से आठ नेताओं को जगह मिली है।
लोकसभा चुनाव के नतीजों से सबक लेते हुए भाजपा ने पिछड़े (OBC), दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साधने के साथ-साथ अपने पारंपरिक सवर्ण आधार को भी मजबूत करने की स्पष्ट रणनीति बनाई है।
उत्तर प्रदेश: 8 चेहरों के जरिए सपा के ‘PDA’ की काट
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी ने हर सामाजिक वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया है:
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सपा के PDA की काट: नई टीम में तीन ओबीसी चेहरे और दो मुस्लिम नेताओं को जगह दी गई है। प्रो. तारिक मंसूर को उपाध्यक्ष और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
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बासित अली संघ के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और भाजपा के मुस्लिम संपर्क अभियान का प्रमुख चेहरा रहे हैं।
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महिला और दलित प्रतिनिधित्व: धौरहरा की पूर्व सांसद रेखा वर्मा को तीसरी बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
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बुलंदशहर के सांसद डॉ. भोला सिंह को दलित चेहरे के रूप में राष्ट्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्या को ओबीसी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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पारंपरिक सामाजिक आधार: पूर्वांचल के प्रमुख ब्राह्मण चेहरे और बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।
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वहीं अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति ईरानी को भी महामंत्री के रूप में बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पंजाब: मनप्रीत बादल के जरिए सिख समुदाय में पैठ बनाने की तैयारी
पंजाब में पार्टी के जनाधार को विस्तार देने के लिए पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के चचेरे भाई मनप्रीत बादल को शामिल कर पार्टी सिख समुदाय के बीच अपनी पैठ गहरी करना चाहती है।
इसके साथ ही अमृतसर के तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी, वरिष्ठ नेता सौदान सिंह को राष्ट्रीय सह-महामंत्री (संगठन) और ‘आप’ छोड़कर भाजपा में आए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तराखंड: ठाकुर और ब्राह्मण समीकरण में संतुलन
उत्तराखंड में जीत की हैट्रिक लगाने के उद्देश्य से पार्टी ने क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन साधा है:
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पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
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अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
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आलोक भट्ट को सोशल मीडिया टीम में राष्ट्रीय सह-संयोजक बनाया गया है।
हरियाणा और अन्य राज्यों को भी अहम स्थान
हरियाणा से जुड़े नेताओं में राज्यसभा सांसद संजय भाटिया और सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।
इसके अलावा, हरियाणा के पूर्व प्रभारी बिप्लब कुमार देब को भी महामंत्री नियुक्त किया गया है। वहीं अरुण यादव को सोशल मीडिया सह-संयोजक और सिद्धार्थ यादव को मीडिया सह-संयोजक का दायित्व सौंपा गया है। कांग्रेस छोड़कर आए रोहन गुप्ता को भी राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।
गृह राज्य से ऊपर चुनावी प्राथमिकताएं: गोवा और मणिपुर खाली
यह भी उल्लेखनीय है कि पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के गृह राज्य बिहार से केवल दो चेहरों को टीम में जगह मिली है, जबकि आगामी चुनाव वाले राज्य गोवा और मणिपुर से किसी भी नेता को टीम में शामिल नहीं किया गया।
इससे साफ संकेत मिलता है कि टीम चयन में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं की जगह चुनावी रणनीति और सामाजिक इंजीनियरिंग को सर्वोपरि रखा गया है।











