Rescue teams evacuating flood-affected people in Odisha on boats, with an overlay graphic of the ₹1000 crore relief package announcement

ओडिशा बाढ़: 13 लाख प्रभावित, CM का 1000 करोड़ के पैकेज का ऐलान

ओडिशा में भीषण बाढ़: 13 लाख लोग प्रभावित, सरकार ने किया ₹1,000 करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान”

भुवनेश्वर: द पॉलिटिक्स अगेन : निकिता सोनी की रिपोर्ट

ओडिशा इस समय पिछले 25 वर्षों की सबसे गंभीर बाढ़ का सामना कर रहा है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, जिससे गांव, खेत और निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।

बाढ़ से जुड़े मुख्य आंकड़े (एक नज़र में)

विवरण आंकड़े / जानकारी
कुल प्रभावित लोग लगभग 13 लाख
सुरक्षित निकाले गए लोग लगभग 3 लाख
प्रभावित क्षेत्र 74 ब्लॉक और 1,361 गांव
राहत शिविरों की संख्या 550 से अधिक
सर्वाधिक प्रभावित जिले जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर, केंदुझर, मयूरभंज और केंद्रापड़ा
तैनात बचाव टीमें 45 ODRAF, 8 NDRF, 59 फायर एंड इमरजेंसी टीमें

 

प्रमुख प्रभावित जिलों का हाल

  • जाजपुर: यह जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 203 राहत शिविरों के माध्यम से 77,680 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव कार्य में 9 ODRAF, 2 NDRF और 12 फायर टीमें मुस्तैद हैं।
  • भद्रक: जिले के 4 ब्लॉक और एक नगरपालिका क्षेत्र के 149 गांव पानी में डूबे हैं। करीब 2.59 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 1.96 लाख लोगों को 90 राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचाया गया है।

₹1,000 करोड़ का राहत और पुनर्वास पैकेज

राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के जीवन और आजीविका को फिर से पटरी पर लाने के लिए ₹1,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसके तहत निम्नलिखित सहायता प्रदान की जाएगी:

1. किसानों के लिए आर्थिक सहायता:

  • बारिश पर निर्भर फसलें: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर
  • सिंचित क्षेत्र की फसलें: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
  • बारहमासी फसलें: ₹22,500 प्रति हेक्टेयर (33% या उससे अधिक नुकसान होने पर)
  • अन्य मदद: अगली फसल के लिए बीज, कृषि सामग्री और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से वित्तीय मदद। किसानों को अपनी आजीविका दोबारा शुरू करने के लिए 75% तक की सब्सिडी पर मुफ्त मिलिंग किट भी दी जाएगी।

2. पशुपालन और मछली पालन:

  • पशुओं और पशु शेड के नुकसान की भरपाई का प्रावधान।
  • मछुआरों को क्षतिग्रस्त नावों, जाल और तालाबों के लिए विशेष सहायता और ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था।

3. आम लोगों के लिए तत्काल मदद:

  • जिन परिवारों के जरूरी घरेलू सामान और काम से जुड़े संसाधन नष्ट हो गए हैं, उन्हें ₹5,000 की नकद सहायता दी जाएगी।
  • बर्तन, कपड़े, पका हुआ भोजन और सूखा राशन तब तक मिलता रहेगा, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और लोगों का घर लौटना सुरक्षित नहीं हो जाता।

स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है:

  • राहत शिविरों में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जो विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य निगरानी कर रही हैं।
  • बाढ़ के पानी के साथ आबादी वाले इलाकों में सांप व अन्य जहरीले जीवों के आने के खतरे से निपटने के लिए एंटी-वेनम (Anti-venom) इंजेक्शन और अन्य जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।

महत्वपूर्ण नोट: सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह ₹1,000 करोड़ का पैकेज शुरुआती आकलन पर आधारित है।

बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद जिला प्रशासन की टीमों द्वारा मकानों, संपत्ति, सड़क और फसल के नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर जरूरत पड़ने पर इस राहत राशि को और भी बढ़ाया जा सकता है।