उत्तर प्रदेश :लापरवाही पर लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार होंगे सस्पेंड
CM योगी का सख्त एक्शन: ‘दबंग रास्ता न दें तो लाचार लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार सबको सस्पेंड करो’
गोरखपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि विवादों और राजस्व मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है।
मंगलवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि जो अधिकारी जनता को न्याय दिलाने में खुद को लाचार मानते हैं, उन पर तत्काल निलंबन (Suspension) की कार्रवाई की जाए।
दबंगों की धमकी सुन तनी मुख्यमंत्री की भृकुटि
जनता दर्शन के दौरान एक महिला फरियादी ने मुख्यमंत्री को अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि कुछ दबंग उसे रास्ता नहीं दे रहे हैं।
महिला ने बताया कि दबंग उसे धमकी देते हैं कि “चाहे जहां शिकायत कर लो, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
यह सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भृकुटि तन गई और उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
सीएम योगी ने सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा, “महिला को तत्काल रास्ता दिलवाया जाए। यदि रास्ता दिलाने में लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार खुद को लाचार मानते हों, तो उन सबको सस्पेंड करो।”
इसके अलावा, अन्य लोगों द्वारा भी राजस्व कर्मियों की लापरवाही की शिकायत करने पर सीएम ने संबंधित जिलाधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि विवादों में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों से उनके प्रार्थना पत्र खुद अपने हाथों में लिए और उनका अवलोकन किया।
अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में लापरवाही मिले, वहां संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ प्रकरण की गंभीरता के अनुसार सख्त एक्शन लिया जाए।
इलाज के लिए पैसे की कमी नहीं होने देगी सरकार
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी भी जरूरतमंद को परेशान होने की जरूरत नहीं है; सरकार हर पीड़ित के साथ मजबूती से खड़ी है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का प्राथमिकता के आधार पर ‘आयुष्मान कार्ड’ (Ayushman Card) बनवाया जाए।
- यदि इसके बाद भी इलाज के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तो मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।











