असम में बाढ़ का कहर, 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित
असम में बाढ़ का कहर, 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित; रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, कई ट्रेनें रद्द”
गुवाहाटी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
असम और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद इस मानसून में बाढ़ का पहला बड़ा दौर शुरू हो गया है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के छह जिलों में बाढ़ ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है।
अब तक 22,124 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि कई गांवों में पानी भर जाने से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सबसे अधिक प्रभावित जिला धेमाजी है, जहां अकेले 15,483 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार जिलों में भी बाढ़ का व्यापक असर देखा जा रहा है।
रेलवे पुल क्षतिग्रस्त, ट्रेन सेवाएं प्रभावित
बाढ़ और नदी किनारे हो रहे कटाव का असर रेलवे नेटवर्क पर भी पड़ा है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने बताया कि आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच स्थित एक रेलवे पुल का पियर (खंभा) अस्थिर हो गया है, जिसके चलते इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पुल वर्ष 1965 में बनाया गया था और बाद में इसे ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया था।
भारी बारिश के कारण नदी के किनारे का बड़ा हिस्सा बह जाने से पुल के एक खंभे को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, किसी ट्रेन को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही किसी यात्री के घायल होने की सूचना है।
यात्रियों के लिए बस सेवा और हेल्प डेस्क
रेल सेवा प्रभावित होने के बाद नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने मुर्कोंगसेलेक और सिलापाथर के बीच यात्रियों के लिए विशेष बस सेवा शुरू की है।
साथ ही धेमाजी, सिलापाथर और मुर्कोंगसेलेक रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं ताकि यात्रियों को आवश्यक सहायता मिल सके।
गृह मंत्री अमित शाह ने की स्थिति की समीक्षा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर राज्य में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को धेमाजी सहित प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, अमित शाह ने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए उनका आभार भी व्यक्त किया।
गांव, खेती और पशुधन को भारी नुकसान
बाढ़ का पानी अब तक 96 गांवों में प्रवेश कर चुका है, जबकि लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
इसके अलावा करीब 48,199 मवेशी भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शिवसागर जिले के नांगलामुराघाट में दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में बाढ़ का दायरा और बढ़ने की आशंका जताई गई है।
राहत और पुनर्वास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने अधिकारियों को राहत सामग्री, सुरक्षित स्थानों पर लोगों के विस्थापन और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर रही है।











