Ministry of Petroleum and Natural Gas clarification denying reports of the Middle East-India Deepwater Pipeline (MEIDP)

फैक्ट चेक : MEIDP ऊर्जा पाइपलाइन पर कोई विचार नहीं – पेट्रोलियम मंत्रालय

भारत-ओमान के बीच नहीं बन रही कोई ‘अंडरवाटर पाइपलाइन’, पेट्रोलियम मंत्रालय ने MEIDP की खबरों का किया सख्त खंडन “

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भारत के ऊर्जा क्षेत्र को लेकर एक बड़ी खबर सुर्खियां बटोर रही थी।

दावा किया जा रहा था कि भारत सरकार मध्य पूर्व (खाड़ी देशों) से गुजरात तक एक विशालकाय ‘मध्य पूर्व-भारत डीपवाटर पाइपलाइन’ (MEIDP – Middle East-India Deepwater Pipeline) बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने मंगलवार (16 जून 2026) को एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर इन मीडिया रिपोर्ट्स पर अपना स्पष्टीकरण दिया है। ‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं मंत्रालय ने क्या कहा है:

📰 मीडिया रिपोर्टों में क्या किया जा रहा था दावा?

हाल ही में मीडिया खबरों की एक श्रृंखला में यह दावा किया गया था कि:

  • भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अरब सागर के भीतर गहराई में एक ‘एनर्जी पाइपलाइन’ का निर्माण करने जा रहा है।

  • कहा जा रहा था कि इस प्रस्तावित MEIDP पाइपलाइन के जरिए भारत के गुजरात राज्य को सीधे ओमान (Oman) और अन्य खाड़ी देशों से जोड़ा जाएगा, जिससे प्राकृतिक गैस का सीधा आयात हो सकेगा।

🛑 सरकार का स्पष्टीकरण: “कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है”

इन लगातार आ रही खबरों पर संज्ञान लेते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट कर दी है।

  • प्रस्ताव खारिज: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ‘मध्य पूर्व-भारत डीपवाटर पाइपलाइन’ (MEIDP) जैसा कोई भी प्रस्ताव वर्तमान में मंत्रालय के पास विचाराधीन नहीं है।

  • कोई बातचीत नहीं: सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि इस महात्वाकांक्षी अंडरवाटर परियोजना को लेकर ओमान या किसी भी अन्य खाड़ी देश के साथ भारत सरकार या मंत्रालय की किसी भी स्तर पर कोई ‘सक्रिय चर्चा’ या ‘बातचीत’ नहीं चल रही है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह आधिकारिक स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया है ताकि इस कूटनीतिक और ऊर्जा क्षेत्र की परियोजना को लेकर बाजार और मीडिया में चल रही सभी अटकलों और अफवाहों को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जा सके।

नोट: केंद्र सरकार के आधिकारिक फैसलों, ऊर्जा मंत्रालय के अपडेट्स और फेक न्यूज़ के सटीक फैक्ट चेक (Fact Check) के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।