दार्जिलिंग : भारी बारिश से भूस्खलन, हुई 20 मौतें, हेल्पलाइन नंबर जारी

“भारी बारिश के चलते भूस्खलन हुआ है। अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। कई अन्य लापता हैं। पुल बहने से दार्जिलिंग के पहाड़ी हिस्से का संपर्क मैदानी इलाकों से लगभग टूट गया है”

दार्जिलिंग 06 / 10 / 2025 द पॉलिटिक्स अगेन डिजिटल डेस्क 

उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश के चलते कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार कई अन्य लोग लापता हैं। कलिम्पोंग क्षेत्र में शनिवार शाम से लगातार बारिश हो रही है। इस वजह से खासा नुकसान हुआ है।

मिरिक के पास जसबीर गांव में एक घर पर लैंड स्लाइड होने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी बचाव अभियान चला रहे हैं। कुछ रिपोर्ट में 11 मौतों की बात कही गई है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। 

पर्यटकों की मदद के लिए दार्जिलिंग पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जो पर्यटक फंसे हुए हैं या जिन्हें सहायता की जरूरत है, वे दार्जिलिंग पुलिस नियंत्रण कक्ष से +91 91478 89078 पर संपर्क कर सकते हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग 10 के रबिझोरा इलाके में तीस्ता नदी का पानी सड़क पर आने से सिलीगुड़ी और सिक्किम को जोड़ने वाली सड़क आंशिक रूप से बंद है। इसी तरह, कलिम्पोंग से दार्जिलिंग जाने वाला तीस्ता बाजार मार्ग भी तीस्ता के पानी से भर गया है और इस रास्ते से आवागमन लगभग बंद हो चुका है।

मैदानी इलाकों से कटा दार्जिलिंग

रोहिणी मार्ग पर भूस्खलन के कारण सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग जाने वाला मार्ग भी आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है। इस वजह से पहाड़ी दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी जैसे मैदानी इलाकों के बीच संपर्क लगभग टूट गया है। मौसम विभाग ने पहले ही बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। यहां शनिवार से लगातार भारी बारिश हो रही है।

बड़े हिस्से में हुआ भूस्खलन

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग जिले के मिरिक के कुछ हिस्सों में हुए भूस्खलन में कई लोगों के मारे जाने की आशंका है।

अधिकारी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रतिक्रिया दल घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं और बचाव एवं राहत अभियान जारी है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “कल रात से हो रही भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग जिले में हुए एक बड़े भूस्खलन में कई लोगों के हताहत होने की आशंका है।

अभी हमारे पास सटीक आंकड़े नहीं हैं क्योंकि बचाव एवं राहत कार्य अभी शुरू हुआ है।”