SIT probe ordered by UP CM Yogi Adityanath into alleged financial irregularities in Ayodhya Ram Mandir donations

अयोध्या: राम मंदिर दान में गड़बड़ी का आरोप, SIT करेगी जांच

🚨 अयोध्या राम मंदिर दान विवाद: एक्शन में योगी सरकार, SIT को सौंपी जांच, SOG ने एक युवक को लिया हिरासत में “

अयोध्या/लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

श्रद्धालुओं की अगाध आस्था के केंद्र अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है।

मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान की रकम में वित्तीय गड़बड़ियों और हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने तत्काल एक्शन लिया है और पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इन गंभीर आरोपों, ट्रस्ट की सफाई और सरकार के कड़े एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी:

🕵️‍♂️ समानांतर कार्रवाई: SOG की हिरासत में संदिग्ध युवक

SIT के गठन के साथ-साथ इस मामले में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) भी सक्रिय हो गई है।

  • समानांतर रूप से कार्रवाई करते हुए SOG की टीम ने एक युवक को राउंडअप कर हिरासत में लिया है।

  • सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए इस युवक से दान की रकम में हुई वित्तीय विसंगतियों के सुराग तलाशने के लिए गहन पूछताछ की जा रही है।

🏛️ राम मंदिर ट्रस्ट ने ही की थी उच्च स्तरीय जांच की मांग

विवाद बढ़ने के बाद, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे प्रकरण की जांच का अनुरोध किया था।

  • अटकलों पर रोक की कोशिश: राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर दान की कथित चोरी को लेकर भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही थीं।

  • चूंकि यह मामला देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए ट्रस्ट ने एक पारदर्शी, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच (Independent Probe) के लिए SIT बनाने की मांग की थी।

🗣️ पूर्व लेखा अधिकारी के गंभीर आरोप: ‘5 लाख की चोरी पकड़ी तो पद से हटाया’

यह पूरा विवाद तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया, जब ट्रस्ट के पूर्व मुख्य लेखा अधिकारी (Chief Accounts Officer) महिपाल सिंह ने कई सनसनीखेज आरोप लगाए:

  • रंगे हाथ पकड़ी चोरी: महिपाल सिंह का दावा है कि उन्होंने एक बार दान की गिनती प्रक्रिया के दौरान लगभग 5 लाख रुपये नकद की चोरी को खुद पकड़ा और रोका था।

  • सहयोग की बजाय कार्रवाई: उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, तो उन्हें सहयोग मिलने के बजाय उनके पद से ही हटा दिया गया।

  • CCTV और रिकॉर्ड गायब: पूर्व अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर के कुछ सीसीटीवी (CCTV) फुटेज जानबूझकर हटा दिए गए और भक्तों द्वारा दान किए गए सोने, चांदी और अन्य कीमती चढ़ावे का कोई पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड नहीं रखा गया था।

🛡️ महासचिव चंपत राय का खंडन: ‘SBI करता है ऑडिट’

दूसरी तरफ, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने पूर्व लेखा अधिकारी द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों का पुरजोर तरीके से खंडन किया है।

  • राय ने स्पष्ट किया कि दान इकट्ठा करने, गिनने, ले जाने और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत और पारदर्शी है।

  • इस प्रणाली का नियमित रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के अधिकारियों द्वारा ऑडिट किया जाता है। अब तक बड़े पैमाने पर किसी भी तरह की वित्तीय हेराफेरी का कोई सबूत सामने नहीं आया है।

आंतरिक समीक्षा शुरू: हालांकि, इस विवाद को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट ने अपने स्तर पर एक आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है।

इसमें सीसीटीवी फुटेज की दोबारा बारीकी से जांच और नकदी संभालने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है। अब सभी की निगाहें SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

नोट: उत्तर प्रदेश सरकार के अहम फैसलों, अयोध्या राम मंदिर और देश की राजनीति से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।