Leaders from AIM, STPI and global technology companies participating in GCC Innovation Conclave 2026 in Bengaluru

AIM-STPI GCC कॉन्क्लेव 2026, स्टार्टअप्स को नई उड़ान

एआईएम-एसटीपीआई का GCC इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026, स्टार्टअप और ग्लोबल कंपनियों के सहयोग को मिलेगी नई गति”

नई दिल्ली/बेंगलुरु : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

भारत को वैश्विक नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने बेंगलुरु में GCC Innovation Conclave 2026 का आयोजन किया।

सम्मेलन का उद्देश्य ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), स्टार्टअप्स, उद्योग जगत, अनुसंधान संस्थानों और नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा भारत के नवाचार इकोसिस्टम को नई दिशा देना रहा।

इस कार्यक्रम में इंटेल, आईबीएम, बॉश, अमेज़न, एसएपी, एनवीडिया, मर्सिडीज-बेंज, सैमसंग, फिलिप्स, मॉर्गन स्टेनली, विप्रो, याहू सहित कई वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भारत के नवाचार इकोसिस्टम को मिलेगा नया बल

सम्मेलन में अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL), अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC), अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC), एसटीपीआई के उद्यमिता केंद्रों, स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटरों को एक साझा मंच पर लाया गया।

इस दौरान उद्योग और स्टार्टअप के बीच तकनीकी सहयोग, मेंटरशिप, नवाचार चुनौतियां, पायलट परियोजनाएं, उत्पाद परीक्षण और बाजार तक पहुंच जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

भारत में 2,100 से अधिक GCC

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि भारत में वर्तमान में 2,100 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) कार्यरत हैं, जो लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर का वार्षिक राजस्व उत्पन्न कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एसटीपीआई का उद्देश्य अपने राष्ट्रीय तकनीकी नेटवर्क को अटल इनोवेशन मिशन की नवाचार श्रृंखला से जोड़कर भारतीय स्टार्टअप्स और वैश्विक उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी विकसित करना है।

‘जय अनुसंधान’ के विजन को मिलेगा बल

अटल इनोवेशन मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जय अनुसंधान’ के विजन को साकार करने में नवाचार और स्टार्टअप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स और 100 से अधिक अटल इनक्यूबेशन सेंटर नवाचार की मजबूत आधारशिला तैयार कर रहे हैं।

अब इन नवाचारों को उद्योगों से जोड़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यम विकसित करने पर फोकस किया जा रहा है।

स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर

सम्मेलन में आगामी AACESS (Atal Acceleration Centres for Scale-up of Startups) कार्यक्रम पर भी विशेष चर्चा हुई।

इस पहल के तहत विकास के चरण में पहुंच चुके स्टार्टअप्स को उद्योगों के साथ काम करने, उत्पादों के परीक्षण, व्यावसायिक मार्गदर्शन और निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

एआईएम ने उद्योग जगत और GCC कंपनियों से इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करने और स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सहयोग देने की अपील की।

चार प्रमुख विषयों पर हुई चर्चा

सम्मेलन में चार प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया गया—

  • अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से स्कूली नवाचार को बढ़ावा

  • अटल इनक्यूबेशन सेंटर और एसीआईसी के जरिए स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना

  • AACESS के माध्यम से उद्योग आधारित स्टार्टअप एक्सेलेरेशन

  • एसटीपीआई और उद्योगों के सहयोग से नवाचार एवं उद्यमिता को नई गति देना

विकसित भारत 2047 की दिशा में पहल

सम्मेलन के समापन पर सभी हितधारकों ने भारत को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए नवाचार, उद्यमिता, अनुसंधान और उद्योग-स्टार्टअप सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की साझेदारियां भारत को वैश्विक नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।