Rebel MPs of Shiv Sena UBT and TMC could help NDA pass the Women's Reservation and Delimitation Bill in the monsoon session

यक्ष प्रश्न : शिवसेना UBT में टूट, क्या संसद में आएगा महिला बिल?

💥UBT और TMC में टूट का NDA को मिलेगा फायदा! क्या मानसून सत्र में ‘महिला आरक्षण और परिसीमन बिल’ पास कराएगी सरकार?

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन विशेष : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

लोकसभा में विपक्षी गठबंधन (INDIA) को एक के बाद एक कई बड़े झटके लग रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी बड़ी टूट की कगार पर है।

पार्टी के 6 बागी सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं और जल्द ही लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं।

इस सियासी उठापटक और DMK की कांग्रेस से बढ़ती दूरी के बीच, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि मोदी सरकार संसद के आगामी ‘मानसून सत्र’ में महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में कोटा लागू करने वाला बिल (परिसीमन के साथ) दोबारा ला सकती है।

‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए समझते हैं सरकार का पूरा ‘गेम प्लान’:

📉 विपक्ष कमजोर, NDA का कुनबा बढ़ाने की तैयारी

विपक्षी खेमे में मची खलबली से लोकसभा में उनकी ताकत घटी है।

  • UBT और TMC में बगावत: उद्धव गुट के 6 सांसद और टीएमसी के 20 बागी सांसद अगर पाला बदलते हैं, तो इससे संसद में सीधे तौर पर NDA का संख्याबल मजबूत होगा।

  • DMK का रुख: तमिलनाडु की सत्ताधारी DMK भी अब विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन से अलग राह चलती दिख रही है।

  • भाजपा के एक सहयोगी नेता के अनुसार, इन टूट की खबरों से साफ संकेत मिलता है कि मानसून सत्र से पहले NDA अपनी संख्या बढ़ाने की गंभीर कोशिश कर रहा है ताकि महत्वपूर्ण बिलों को पास कराया जा सके।

🤝 DMK को मनाने के लिए हो सकते हैं बड़े बदलाव

2029 में बढ़ी हुई सीटों के साथ चुनाव कराने के लिए परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी होगी, क्योंकि इसमें लंबा समय लगता है। इसके लिए सरकार को ‘संविधान संशोधन बिल’ पास कराना होगा।

  • सीटों का नुकसान न हो: DMK चाहती है कि इस बात की साफ गारंटी मिले कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को जनसंख्या नियंत्रण में उनकी सफलता के कारण लोकसभा सीटों का कोई नुकसान न हो। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही इसका आश्वासन दे चुके हैं।

  • बिल की भाषा बदलेगी: NDA सूत्रों का कहना है कि नए संविधान संशोधन बिल की भाषा में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं ताकि DMK जैसी पार्टियों को आसानी से मनाया जा सके।

  • तीन-भाषा नियम में छूट: यह भी माना जा रहा है कि 1 जुलाई से कक्षा 9 के लिए लागू किए गए ‘तीन-भाषा’ वाले नियम में भी DMK को साथ लाने के लिए कुछ संशोधन किए जा सकते हैं।

📊 दो-तिहाई बहुमत का ‘नंबर गेम’

संविधान संशोधन बिल पास कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत (लगभग 360 सांसदों) की आवश्यकता होती है।

हाल ही में एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने संकेत दिया कि सरकार यह बिल तभी पटल पर लाएगी, जब उसे जरूरी संख्या का पूरा भरोसा हो जाएगा (भले ही इसके लिए विशेष सत्र क्यों न बुलाना पड़े)।

यदि DMK समर्थन दे देती है, साथ ही TMC के 20 बागी और उद्धव गुट के 6 सांसद साथ आ जाते हैं, तो NDA जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच जाएगा।

हालांकि, फिर भी जरूरी 360 के आंकड़े से संख्या कुछ कम रहेगी, जिसके लिए अन्य निर्दलीयों या छोटे दलों का साथ लिया जा सकता है। वहीं, राज्यसभा में संख्याबल सरकार के लिए ज्यादा अनुकूल है।

नोट: संसद के आगामी मानसून सत्र, महिला आरक्षण बिल और देश की हर बड़ी राजनीतिक हलचल के सटीक विश्लेषण के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।