जौनपुर: चुनाव आयुक्त मामले में वामपंथी दलों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
जौनपुर कलेक्ट्रेट पर वामपंथी दलों का हल्ला बोल: चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
देश की निर्वाचन प्रणाली और चुनाव आयोग (Election Commission) की निष्पक्षता को लेकर उठे हालिया विवादों की गूंज अब उत्तर प्रदेश के जौनपुर में भी सुनाई दे रही है।
बुधवार को वामपंथी संयुक्त संघर्ष समिति ने जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक जोरदार प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष जय प्रकाश कामरेड के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
मतदाता सूची विवाद और चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों के निशाने पर मुख्य रूप से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रहे। जिलाध्यक्ष जय प्रकाश कामरेड ने 23 सितंबर को एक मीडिया रिपोर्ट में छपी खबर का हवाला देते हुए बताया कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और जोड़ने जैसे अहम फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
वामपंथी समिति का आरोप है कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली इतिहास में इतनी कमजोर कभी नहीं रही।
संगठन ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस कथित व्यवस्थागत हेरफेर और लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास कम करने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें:
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चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी: ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तत्काल हटाया जाए।
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मतदाता सूची में सुधार: SIR (Systematic Voter Information and Registration) प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और जिन मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं, उन्हें फिर से जोड़ा जाए।
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नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव: चुनाव आयोग की स्वतंत्र लोकतांत्रिक प्रणाली को बहाल करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त और आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था में बदलाव किया जाए।
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मांग की गई है कि इस चयन समिति में प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष (विपक्ष के नेता) और देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
वामपंथी दलों के इस प्रदर्शन ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को स्थानीय स्तर पर एक नई राजनीतिक बहस का रूप दे दिया है।











