यूपी : वोटर लिस्ट सत्यापन की तारीख बढ़ी, अब 31 दिसंबर तक पूरा होगा काम
“उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा के अनुरोध को स्वीकार करते हुए अब यह प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी करने की मंजूरी दे दी है”
लखनऊ: 11 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
क्यों बढ़ाई गई तारीख? दरअसल, प्रदेश में SIR के दौरान करीब 17.7% फॉर्म जमा नहीं हो सके थे। इस देरी को देखते हुए सीईओ ने आयोग से समय बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस विस्तारित अवधि का मुख्य उद्देश्य मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित (shifted) और अनुपस्थित मतदाताओं का 100% सटीक सत्यापन करना है।
आंकड़ों में सत्यापन की स्थिति मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, प्रदेश में गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का 99.24% काम पूरा हो चुका है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन बाकी है:
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असंग्रहीत प्रपत्र (Uncollected Forms): लगभग 18.85% (करीब 2.91 करोड़) मतदाता ऐसे हैं जो संदिग्ध श्रेणी में हैं (मृतक, शिफ्टेड या अनुपस्थित)।
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स्थानांतरित मतदाता: 1.27 करोड़ (सर्वाधिक 8.22%)।
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अनुपस्थित मतदाता: 84.73 लाख (5.49%)।
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मृतक मतदाता: 45.95 लाख (2.98%)।
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दोहरी प्रविष्टि : 23.69 लाख (1.5%)।
अब तक 80.29% गणना प्रपत्र परिवारों के हस्ताक्षर के साथ वापस मिल चुके हैं और 2003 की मतदाता सूची से 76% मैपिंग पूरी हो चुकी है।
राजनीतिक दलों को मिलेगी सूची पारदर्शिता बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मृतक, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की सूची सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को 12 दिसंबर तक उपलब्ध कराई जाए। यह सूची वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी।
वोटरों के लिए जरूरी निर्देश
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नए वोटर (Form-6): जिनका नाम 2025 की सूची में नहीं है या जो 1 जनवरी को 18 वर्ष के हो रहे हैं, वे ‘फॉर्म-6’ भरकर जमा करें।
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शिफ्टेड वोटर (Form-8): SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्थापित लोग ‘फॉर्म-8’ भरकर अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
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हेल्पलाइन: किसी भी समस्या या जानकारी के लिए वोटर हेल्पलाइन नंबर 0522-1950 पर कॉल कर सकते हैं।











