UP Outsource Workers

UP News: मजदूर दिवस पर आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, छुट्टियां-सैलरी के नए नियम लागू

मजदूर दिवस पर UP के आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात: मंत्री असीम अरुण ने किए ऐतिहासिक सुधारों के ऐलान, जानें छुट्टियों और सैलरी के नए नियम

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

1 मई यानी ‘मजदूर दिवस’ (Labour Day) के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों आउटसोर्स (Outsource) और अंशकालिक (Part-time) कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है।

राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन कर्मियों के हितों की रक्षा और उन्हें शोषण से बचाने के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने शुक्रवार को इन अहम सुधारों की जानकारी साझा की।

मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नए ‘लेबर कोड्स’ और ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ के गठन से व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।

अब कर्मचारियों की छुट्टियों, काम के घंटों और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और अनिवार्य बना दिया गया है।

“हमारी सरकार का लक्ष्य ‘अंत्योदय’ है। आउटसोर्सिंग कर्मचारी हमारी व्यवस्था की रीढ़ हैं, और उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देना हमारी प्राथमिकता है। आज मजदूर दिवस पर यह सुधार उन्हीं के पसीने की कीमत और उनके अधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।” — असीम अरुण (समाज कल्याण राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार)

आइए विस्तार से जानते हैं आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के लिए लागू किए गए 4 बड़े बदलाव:

1. अनिवार्य सवेतनिक साप्ताहिक अवकाश और तय होंगे काम के घंटे

अब किसी भी आउटसोर्स या अनुबंध कर्मचारी से लगातार सातों दिन काम लेना अवैध माना जाएगा।

  • साप्ताहिक अवकाश: 6 दिन लगातार काम करने के पश्चात कर्मचारी को 1 दिन का सवेतनिक (Paid) अवकाश देना अनिवार्य होगा।

  • कार्य का समय: प्रतिदिन कार्य के घंटे 8 से 9 घंटे ही निर्धारित किए गए हैं। यदि इससे अधिक समय तक कार्य लिया जाता है, तो नियमानुसार ओवरटाइम (Overtime) देना अनिवार्य होगा।

2. कर्मचारियों के लिए छुट्टियों का नया और स्पष्ट ढांचा

कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए छुट्टियों के नियमों में व्यापक सुधार किया गया है:

  • आकस्मिक अवकाश (Casual Leave): प्रति वर्ष 10 दिन।

  • बीमारी की छुट्टी (Sick Leave): 6 माह की सेवा पूर्ण होने पर 15 दिन।

  • अर्जित अवकाश (Earned Leave): प्रति वर्ष 15 दिन। इसे अगले वर्ष के लिए संचय (Carry forward) करने की सुविधा भी मिलेगी।

  • प्रसूति अवकाश (Maternity Leave): महिला कर्मियों के लिए मैटरनिटी लीव के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

3. वेतन सुरक्षा और डिजिटल पारदर्शिता

भारत सरकार के नए ‘लेबर कोड्स’ के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने वेतन ढांचे (Salary Structure) में अहम बदलाव किया है, जिससे कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित होगा:

  • मूल वेतन (Basic Pay): अब कर्मचारी की कुल सैलरी (CTC) का कम से कम 50% हिस्सा मूल वेतन होगा। इससे उनके PF (प्रॉविडेंट फंड) और ग्रेच्युटी फंड में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

  • समयबद्ध भुगतान: वेतन भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब हर माह की 1 से 5 तारीख के बीच वेतन सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

4. ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ से बिचौलियों का अंत

हाल ही में (1 अप्रैल 2026 से) प्रभावी हुए ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ के माध्यम से आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया में बिचौलियों और ठेकेदारों के शोषण को जड़ से खत्म किया जा रहा है।

  • न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage): अकुशल (Unskilled) श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन ₹11,000+ और कुशल (Skilled) श्रमिकों के लिए ₹13,500+ से शुरू होने वाली नई दरें निर्धारित की गई हैं।

  • समान कार्य-समान वेतन: सरकार ‘समान काम-समान वेतन’ के सिद्धांत को प्राथमिकता देते हुए इन सेवा शर्तों को सख्ती से लागू कर रही है।

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