सीएम योगी सख्त: जल जीवन मिशन में लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
सीएम योगी का सख्त निर्देश: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, हर विधानसभा क्षेत्र में ₹50 करोड़ से संवरेंगी सड़कें
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों और जनसुविधाओं को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है।
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी जा रही सड़कों के कारण आम जनता को हो रही परेशानी का संज्ञान लेते हुए सीएम ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
इसके साथ ही प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों के निर्माण और मरम्मत को भी मंजूरी दी गई है।
जल जीवन मिशन: खुदी हुई सड़कों को तुरंत भरने का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) और जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे खुद मौके पर जाकर (स्थलीय निरीक्षण) खुदी हुई सड़कों और गड्ढों की स्थिति का जायजा लें।
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ठेकेदारों पर गिरेगी गाज: यदि किसी कार्यदायी संस्था या ठेकेदार ने खुदाई के बाद काम अधूरा छोड़ा, समय पर काम पूरा नहीं किया, या सड़क/गड्ढों को तुरंत नहीं भरा, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसी संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया जाएगा।
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लापरवाही बर्दाश्त नहीं: सीएम ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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प्राथमिकता पर निस्तारण: अधिकारियों को ‘जल समाधान पोर्टल’ पर जलापूर्ति, लीकेज और खुदाई से जुड़ी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया है।
शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर:
जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति या मरम्मत से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए आम नागरिक टोल फ्री नंबर 18001212164 पर संपर्क कर सकते हैं।
(नोट: उत्तर प्रदेश में अब तक 2.50 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को ‘नल से जल’ का कनेक्शन दिया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त क्षेत्रों में यह लक्ष्य लगभग 100% हासिल कर लिया गया है।)
सड़क नेटवर्क का विस्तार: हर विधानसभा क्षेत्र को 50 करोड़ का बजट
राज्य में बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है।
इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे।
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जनप्रतिनिधि तय करेंगे प्राथमिकता: PWD मुख्यालय ने सभी जिलों से कार्ययोजना मांगी है। विधायक अपने क्षेत्र में सड़कों के काम प्रस्तावित करेंगे।
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यदि काम का बजट 50 करोड़ से अधिक जाता है, तो किन कार्यों को प्राथमिकता देनी है, इसका निर्णय भी जनप्रतिनिधि ही करेंगे।
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पिछले वर्ष के काम होंगे शामिल: पिछले वित्त वर्ष में जो कार्य बजट की कमी के कारण स्वीकृत नहीं हो पाए थे, उन्हें इस बार की कार्ययोजना में स्वतः (Automatically) शामिल कर लिया जाएगा।
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डीएम करेंगे अनुमोदित: प्रत्येक जिले में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद जिलाधिकारी (DM) इस कार्ययोजना को अनुमोदित कर PWD मुख्यालय भेजेंगे, जिसके बाद शासन से फाइनल स्वीकृति मिलेगी।
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28 विधानसभा क्षेत्र रहेंगे बाहर: PWD के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के 28 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां कैंटोनमेंट एरिया (Cantonment Area/छावनी क्षेत्र) ज्यादा है।
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वहां PWD के पास काम कराने के लिए पर्याप्त क्षेत्र नहीं बचता, इसलिए इन 28 क्षेत्रों को इस कार्ययोजना से बाहर रखा गया है।
PWD की योजना है कि मई के महीने में ही कार्ययोजना का एक हिस्सा स्वीकृत कर दिया जाए, ताकि मानसून (Monsoon) आने से पहले हर जिले में सड़क निर्माण के कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा कराया जा सके।











