हिमाचल प्रदेश में 5.0 तीव्रता का तेज भूकंप, चंबा रहा मुख्य केंद्र
हिमाचल प्रदेश में भूकंप के तेज झटके: रिक्टर स्केल पर 5.0 रही तीव्रता, दहशत में घरों से भागे लोग”
शिमला/चंबा: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात भूकंप (Earthquake) के तेज झटकों से धरती कांप उठी। ‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, रात 10 बजकर 4 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई।
भूकंप का मुख्य केंद्र चंबा जिला रहा और जमीन के भीतर इसकी गहराई मात्र 5 किलोमीटर थी।
दहशत का माहौल, घरों से बाहर निकले लोग
रात के समय करीब 2 से 3 सेकंड तक महसूस किए गए इन झटकों ने लोगों में दहशत फैला दी। चंबा और कांगड़ा के कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षा के मद्देनजर काफी देर तक खुले आसमान के नीचे ही बैठे रहे।
हालांकि, प्रशासन के लिए राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
चंबा के अलावा कांगड़ा, मंडी, सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों में भी धरती कांपने के झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए।
अति संवेदनशील ‘जोन 5’ में आता है हिमाचल
हिमाचल प्रदेश भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है और यह ‘जोन 5’ (Seismic Zone V) में आता है।
यही कारण है कि इस पहाड़ी राज्य में अक्सर छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप के झटके आते रहते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: आखिर क्यों आता है भूकंप?
हमारी धरती की सतह मुख्य रूप से 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स धरती के भीतर लगातार तैरती और खिसकती रहती हैं।
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टकराव और दबाव: जब ये प्लेट्स खिसकते हुए आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो उनके कोने मुड़ जाते हैं।
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ऊर्जा का निष्कासन: अत्यधिक दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में पृथ्वी के नीचे मौजूद अपार ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती है।
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कंपन: ऊर्जा के इस निष्कासन (Disturbance) के कारण धरती की सतह पर तेज कंपन होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं।











