जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में जुटे समर्थक और पुलिस की मौजूदगी

सोनम वांगचुक की बिगड़ी सेहत: समर्थकों का जंतर-मंतर पर जमावड़ा

सोनम वांगचुक के आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार: जंतर-मंतर पर समर्थकों का हुजूम, स्वास्थ्य पर बरकरार है चिंता”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का आंदोलन अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने और उनकी बिगड़ती सेहत की खबरों ने पूरे देश में समर्थकों को लामबंद कर दिया है।

शनिवार को जंतर-मंतर पर छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का हुजूम उमड़ पड़ा, जो वांगचुक की मांगों और उनकी सेहत को लेकर अपनी एकजुटता दिखा रहे हैं।

स्वास्थ्य पर डॉक्टर्स की कड़ी निगरानी

एम्स (AIIMS), नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम ने शनिवार को सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, वांगचुक की सेहत चिंताजनक है। डॉक्टरों ने उन्हें बार-बार ड्रिप, ओआरएस और जरूरी दवाएं लेने की सलाह दी है, लेकिन वांगचुक ने फिलहाल उपचार लेने से साफ इनकार कर दिया है।

अस्पताल और वांगचुक का परिवार उन्हें उपचार के लिए राजी करने की हरसंभव कोशिश कर रहा है।

आंदोलन को मिला राजनीतिक और सामाजिक समर्थन

इस आंदोलन को अब विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मंचों से भी समर्थन मिल रहा है:

  • अन्ना हजारे का समर्थन: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी सोनम वांगचुक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।

  • चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी: आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।

  • वृंदा करात का निशाना: माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।

  • उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तबादले के 24 घंटे के भीतर हुई इस कार्रवाई को “संयोग या प्रयोग” करार दिया और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।

20 जुलाई को संसद घेराव का कार्यक्रम यथावत

सोनम वांगचुक की पत्नी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद 20 जुलाई को ‘संसद घेराव’ का कार्यक्रम नहीं बदला जाएगा।

इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।