ग्रामीण सड़क निर्माण: FY 2026-27 में 26000 KM का लक्ष्य, केंद्र की समीक्षा
ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार: FY 2026-27 में 26,000 KM से अधिक सड़क निर्माण का लक्ष्य, केंद्र ने की राज्यों संग समीक्षा”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ग्रामीण भारत के विकास और अंतिम-छोर (Last-Mile) तक हर मौसम के अनुकूल संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और संबंधित ग्रामीण संपर्क पहलों के अंतर्गत वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 18,907 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
इस योजना की राज्यवार भौतिक और वित्तीय प्रगति का आकलन करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एक व्यापक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
इन राज्यों के अधिकारी हुए शामिल
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान और तेलंगाना के अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और राज्य ग्रामीण सड़क विकास एजेंसियों (SRRDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
अंतिम-मील कनेक्टिविटी और विशेष जनजातीय समूहों पर फोकस
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यवार लक्ष्यों का जायजा लिया। छूटे हुए क्षेत्रों में ग्रामीण संपर्क का पूर्ण लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे ‘पीएमजीएसवाई-I’ और ‘पीएम-जनमन’ के अंतर्गत शेष सभी असंबद्ध बस्तियों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करें।
विशेष रूप से कमजोर और संवेदनशील जनजातीय समूहों (PVTG) की बस्तियों पर खास ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है।
सचिव ने राज्यों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में तेजी लाने और लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का आग्रह किया।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण पर जोर
बैठक में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA) के तहत हुई प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
सचिव ने इन संवेदनशील जिलों में सड़क अवसंरचना के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए संबंधित राज्यों को कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाने और सभी स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
राज्यों ने अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत करते हुए मंत्रालय को तय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरे करने का आश्वासन दिया।
सड़कों की गुणवत्ता और ई-मार्ग (e-MARG) से डिजिटल शासन
समीक्षा का एक अन्य मुख्य केंद्र ग्रामीण सड़क संपत्तियों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थिरता था। टिकाऊ सड़क संपर्क के लिए सचिव ने गुणवत्ता मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया।
राज्यों से जमीनी स्तर पर निरीक्षण मजबूत करने और गुणवत्ता निगरानी प्रणाली बढ़ाने का आग्रह किया गया।
इसके साथ ही, डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए ‘ई-मार्ग’ (e-MARG – इलेक्ट्रॉनिक रखरखाव) प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर जोर दिया गया।
इससे रखरखाव गतिविधियों की निगरानी, प्रदर्शन मूल्यांकन और भुगतान ट्रैकिंग संभव हो सकेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी।
भविष्य की रणनीति और समाधान
बैठक का समापन करते हुए सचिव श्री रोहित कंसल ने राज्य-विशिष्ट निर्देश जारी किए। इनमें कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना, भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी के प्रस्तावों में तेजी लाना शामिल है।
राज्यों ने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे देश भर में प्रत्येक पात्र बस्ती तक हर मौसम के अनुकूल सुगम सड़क संपर्क पहुंचाने के लिए बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार करेंगे और परियोजनाओं को तेजी से पूरा करेंगे।











