PM मोदी ने साझा किया सुभाषित, बताया सम्मान का महत्व
🕉️ “सम्मान से बढ़ता है आत्मविश्वास…” PM मोदी ने X पर साझा किया ‘संस्कृत सुभाषित’, बताया जीवन का बड़ा मंत्र “
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अक्सर अपने संबोधनों और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए भारतीय संस्कृति, दर्शन और वेदों-पुराणों के ज्ञान को आम जनमानस तक पहुंचाते रहते हैं।
इसी कड़ी में बुधवार (17 जून 2026) को प्रधानमंत्री ने एक प्राचीन ‘संस्कृत सुभाषित’ (Sanskrit Subhashit) साझा कर मानव जीवन में ‘सम्मान और सराहना’ के महत्व को गहराई से रेखांकित किया है।
स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।
त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम् ।
प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।। pic.twitter.com/ccsmCUFaXo
— Narendra Modi (@narendramodi) June 17, 2026
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री ने कौन सा श्लोक साझा किया है और आज के दौर में इसका क्या विशेष अर्थ है:
📜 ‘संस्कृत सुभाषित’ और उसका गहरा अर्थ
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बताने का प्रयास किया है कि जब किसी व्यक्ति को समाज या किसी महान शख्सियत से सम्मान मिलता है, तो उसका उस व्यक्ति के मनोविज्ञान और ऊर्जा पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
पीएम मोदी ने जो सुभाषित साझा किया, वह इस प्रकार है:
“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्। प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”
क्या है इसका अर्थ? इस प्राचीन सुभाषित का संदेश बेहद स्पष्ट और प्रेरक है। इसके अनुसार, ‘जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान किसी भी व्यक्ति के भीतर उसके स्वयं के गुणों के प्रति आत्मविश्वास को गहराई से जगाता है।’
💻 सोशल मीडिया ‘X’ पर PM का प्रेरक संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस सुभाषित को पोस्ट करते हुए अपने विचार भी साझा किए।
उन्होंने लिखा: “स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।”
💡 क्यों अहम है यह संदेश?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रतिस्पर्धा के दौर में, लोग अक्सर एक-दूसरे की सराहना करना भूल जाते हैं। प्रधानमंत्री का यह पोस्ट इस बात की याद दिलाता है कि किसी के काम की छोटी सी ‘स्वीकृति’ (Acceptance) और ‘स्नेहपूर्ण सम्मान’ उस व्यक्ति के भीतर कितनी नई ऊर्जा और सकारात्मकता भर सकता है।
एक लीडर के तौर पर, महान व्यक्तियों द्वारा दी गई शाबाशी किसी भी सामान्य व्यक्ति के आत्मविश्वास (Self-Confidence) को शिखर तक ले जा सकती है।
नोट: प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेशों, केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों और देश की हर बड़ी सकारात्मक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।










