19वें MIFF का आगाज: 3 वैश्विक फिल्मों ने जीता दिल
🎬19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (MIFF 2026) का भव्य आगाज: कनाडा, फिलीपींस और आइसलैंड की 3 शानदार कहानियों से हुई शुरुआत “
मुंबई: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत के प्रमुख और दक्षिण एशिया के सबसे बड़े नॉन-फीचर फिल्म महोत्सव ‘मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ (MIFF 2026) के 19वें संस्करण का शानदार आगाज हो गया है।
15 से 21 जून 2026 तक चलने वाले इस प्रतिष्ठित महोत्सव की शुरुआत ग्लोबल सिनेमा की तीन बेहतरीन और विचारोत्तेजक कहानियों के साथ हुई।
उद्घाटन समारोह के बाद रवींद्र नाट्य मंदिर में ‘टाइम एंड वॉटर’ (आइसलैंड), ‘अगापिटो’ (फिलीपींस) और ‘गुड लक टू यू ऑल’ (कनाडा) की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं इन तीन शुरुआती फिल्मों की खासियत और इस साल के MIFF में क्या है खास:
🎞️ महोत्सव का माहौल तैयार करने वाली तीन वैश्विक फिल्में
1. टाइम एंड वॉटर (आइसलैंड): समय, बर्फ और यादों पर चिंतन सारा डोसा द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक विचारशील अंदाज में शुरू होती है।
यह आइसलैंड के लेखक आंद्री स्नैर मैग्नासन की कहानी है, जो अपने निजी रिकॉर्ड्स को एक ‘टाइम कैप्सूल’ में बदलते हैं।
पिघलते ग्लेशियरों के बीच, यह डॉक्यूमेंट्री पर्यावरण के नुकसान और धुंधली होती यादों पर एक काव्यात्मक चिंतन पेश करती है। सारा डोसा ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्ममेकर हैं।
2. अगापिटो (फिलीपींस): एक भूली-बिसरी जगह का खामोश इंतजार अरविन बेलारमिनो और कायला रोमेरो द्वारा निर्देशित यह तागालोग भाषा की ‘शॉर्ट फिक्शन’ है।
यह एक ऐसी पुरानी बॉलिंग एली की कहानी है जो अपनी चमक खो रही है। महीने के आखिरी दिन मैनेजर मीरा एक खास मेहमान का इंतजार करती है।
फिल्म यह दिखाती है कि कैसे आम जगहों और इशारों में भी गहरी चाहत और इंसानी जुड़ाव छिपे हो सकते हैं।
3. गुड लक टू यू ऑल (कनाडा): भविष्य से एक अनोखी चेतावनी कैनेडियन फिल्ममेकर कॉर्डेल बार्कर की यह ‘एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म’ अपनी मजेदार लेकिन बेचैन कर देने वाली कहानी से दर्शकों को चौंकाती है।
यह एक बच्ची और उसके खिलौनों की कहानी है, जो बचपन की मासूमियत के जरिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) और प्रौद्योगिकी के विकास से जुड़े गंभीर और डरावने सवाल उठाती है।
🌟 19वें MIFF 2026 में क्या है खास?
1990 में शुरू हुआ MIFF आज दुनिया भर के डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिक्शन और एनिमेशन फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ा मंच बन चुका है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा आयोजित इस महोत्सव की कुछ खास बातें इस प्रकार हैं:
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1,459 फिल्मों की टक्कर: इस साल महोत्सव के ‘प्रतिस्पर्धा भाग’ (Competitive Section) में भारत समेत 47 देशों से कुल 1,459 फिल्में आई हैं।
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70 से ज्यादा भाषाओं का संगम: इस महोत्सव में 42 से ज्यादा भारतीय भाषाओं और भारत के बाहर की 30 से ज्यादा भाषाओं की फिल्में दिखाई जाएंगी, जो इसकी विशाल सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं।
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सिनेमाई इवेंट्स: फिल्म स्क्रीनिंग के साथ-साथ, ‘डॉक बाजार’ (Doc Bazaar) का दूसरा संस्करण, मास्टरक्लास और आईडीपीए का ‘ओपन फोरम’ भी आयोजित किया जाएगा, जहां क्रिएटिव विचारों का आदान-प्रदान होगा।
सिनेमा प्रेमी और रचनात्मक विचारों के धनी लोग इस एक हफ्ते तक चलने वाले जश्न में बेहतरीन फिल्मों का आनंद ले सकते हैं।
नोट: देश-विदेश के फिल्म फेस्टिवल्स, सिनेमा की दुनिया और कला-संस्कृति से जुड़ी हर खास खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।










