मौत के टापू पर ‘पिकनिक’: पुलिस ने ‘देवदूत’ बनकर बचाई मासूमों की जान

“सर्दियों की गुनगुनी धूप में पिकनिक मनाने का उत्साह उस समय चीख-पुकार और दहशत में बदल गया, जब कई परिवार हुगली नदी के बीचों-बीच स्थित एक खतरनाक टापू पर फंस गए”

कोलकाता / उत्तर 24 परगना | 27 दिसंबर, 2025, संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर 24 परगना जिले के भाटपाड़ा आईलैंड पर हुई इस घटना ने प्रशासन और आम जनता के होश उड़ा दिए। अगर भाटपाड़ा पुलिस की टीम समय रहते सक्रियता न दिखाती, तो उफनती नदी और अंधेरा कई जिंदगियां लील सकता था।

खुशी का सफर, दहशत की रात

गुरुवार को भाटपाड़ा क्षेत्र के कुछ युवक अपने परिवारों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ पिकनिक मनाने के लिए नाव से हुगली नदी के बीच स्थित एक निर्जन टापू पर पहुंचे थे। दिनभर पिकनिक का आनंद लेने के बाद, शाम होते ही स्थिति बिगड़ गई:

  • ज्वार का कहर: सूर्यास्त के साथ ही नदी में ज्वार (High Tide) आने लगा, जिससे टापू के चारों ओर पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा।

  • टापू का संकट: देखते ही देखते टापू का दायरा सिमटने लगा और लोग एक छोटे से ऊंचे हिस्से में कैद होकर रह गए।

  • संपर्क टूटा: अंधेरा होने और मोबाइल नेटवर्क फेल होने के कारण फंसे हुए लोग मुख्य भूमि से पूरी तरह कट गए, जिससे वहां मौजूद बच्चों और महिलाओं में भारी दहशत फैल गई।

पुलिस का जांबाज रेस्क्यू: ‘प्राइवेट नाव’ से पहुंचे अधिकारी

घटना की भनक लगते ही एसीपी जगदल विश्वजीत पात्र और भाटपाड़ा थाने की टीम हरकत में आई। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकारी नाव का इंतजार करने के बजाय तुरंत एक निजी नाव का प्रबंध किया।

  • जान जोखिम में: उफनती नदी और अंधेरे को चीरते हुए पुलिस टीम टापू तक पहुंची।

  • सुरक्षित वापसी: पुलिस ने एक-एक कर सभी बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को टापू से खोज निकाला और सुरक्षित किनारे पर पहुंचाया। सुरक्षित लौटने के बाद परिजनों ने रोते हुए पुलिस अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें ‘देवदूत’ की संज्ञा दी।

‘डेंजर ज़ोन’ है भाटपाड़ा आईलैंड

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह आईलैंड कोई पर्यटन स्थल नहीं बल्कि एक अति-संवेदनशील क्षेत्र है:

  • जहरीले जीव: यहाँ बड़ी संख्या में जहरीले सांपों का बसेरा है।

  • दलदली जमीन: टापू की मिट्टी काफी दलदली है, जहाँ जरा सी चूक जानलेवा हो सकती है।

  • प्रतिबंध का उल्लंघन: प्रशासन ने इसे पहले ही ‘डेंजर जोन’ घोषित किया हुआ है, लेकिन नाविक चंद रुपयों के लालच में नियमों को ताक पर रखकर यहाँ लोगों को ले जाते हैं।

प्रशासन की अब ‘नो टॉलरेंस’ नीति

इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:

  1. नाविकों को चेतावनी: स्थानीय नाविकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई इस टापू की ओर गया, तो नाव जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  2. निगरानी में बढ़ोतरी: नदी तट पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।

  3. सार्वजनिक अपील: एसीपी विश्वजीत पात्र ने जनता से अपील की है कि वे रोमांच के चक्कर में अपनी और परिवार की सुरक्षा से खिलवाड़ न करें।

Santosh SETH

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