बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने परिवारवाद पर सख्त संदेश देते हुए आकाश आनंद को संगठन से हटा दिया है और अब ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया है।
बसपा में बड़ा फेरबदल: मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को किया किनारे, अब ईशान आनंद को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी”
लखनऊ: संतोष सेठ की रिपोर्ट : (THE POLITICS AGAIN)
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संगठन को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।
परिवारवाद और अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने ऐलान किया है कि उनके भतीजे आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी की सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से पूरी तरह दूर रखा जाएगा।
उनकी जगह अब उनके छोटे भाई आनंद कुमार के दूसरे बेटे ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए इस बड़े संगठनात्मक फेरबदल और उसके पीछे की वजहों का खुलासा किया।
मायावती ने स्पष्ट किया कि परिवार के विशेष आग्रह पर उन्होंने आकाश आनंद को राजनीति में उतारा था, लेकिन शादी के बाद उनके आचरण में बदलाव आ गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में पूरी तरह घिर चुके हैं।
मायावती ने दो टूक कहा कि ऐसी स्थिति में आकाश को दोबारा पार्टी में लाना बसपा और बहुजन मूवमेंट के साथ खुला विश्वासघात होगा।
आकाश को हटाने के बाद अब ईशान आनंद को संगठन में आगे लाया जा रहा है, लेकिन मायावती ने उनके लिए भी सख्त शर्तें रखी हैं।
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में ईशान ने कोई भी गंभीर अनुशासनहीनता या पार्टी विरोधी काम किया, तो उन्हें भी तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
मायावती ने साफ किया कि अगर ऐसा हुआ तो आनंद कुमार के परिवार के किसी भी अन्य सदस्य को मौका नहीं मिलेगा, बल्कि किसी निष्ठावान दलित कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जाएगा।
अपने इस कठोर फैसले को वैचारिक आधार देते हुए मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम और डॉ. बीआर अंबेडकर के आदर्शों का हवाला दिया।
उन्होंने बाबा साहेब द्वारा 1956 में अपने बेटे यशवंत बी. अंबेडकर को लिखे गए एक पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीति में भाई-बहनों और रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठना पड़ता है।
उन्होंने दोहराया कि पूरा ‘बहुजन समाज’ ही उनका असली परिवार है, और इस मिशन के लिए वह अपने सगे भाई-बहनों के खिलाफ भी कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगी।
संगठन में हुए इस बड़े बदलाव के बीच मायावती ने आगामी 23 सितंबर को बहुजन समाज पार्टी की एक महत्वपूर्ण अखिल भारतीय बैठक बुलाई है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी की सांगठनिक स्थिति की समीक्षा की जाएगी और जनहित व देशहित के अहम मुद्दों पर रणनीति तय करते हुए कार्यकर्ताओं को मिशन में जुटने के निर्देश दिए जाएंगे।
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