केजरीवाल और परिवार को चुनाव आयोग का नोटिस, AAP भड़की
दिल्ली वोटर लिस्ट: अरविंद केजरीवाल समेत परिवार के 5 सदस्यों को चुनाव आयोग का नोटिस, AAP ने उठाए कड़े सवाल”
नई दिल्ली: श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट : (THE POLITICS AGAIN)
दिल्ली में चल रही मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के तहत एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
Is everything happening in this country just to keep the Supreme Lord happy?@ECISVEEP, how is it possible that the names of three-time Delhi Chief Minister @ArvindKejriwal Ji and his family members are missing from the Delhi voter list? https://t.co/J3oC8TQiC7
— AAP (@AamAadmiParty) September 19, 2026
चुनाव आयोग (EC) ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र (पार्ट-51, KG मार्ग) के तहत भेजा गया है।
‘Unmapped with Last SIR’ कैटेगरी के तहत नोटिस
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को यह नोटिस ‘Unmapped with Last SIR’ कैटेगरी के तहत जारी किया गया है।
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नोटिस किसे मिला? अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल, और माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल व गीता देवी को।
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क्या है इसका मतलब? अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इसका मतलब यह है कि संबंधित मतदाताओं का रिकॉर्ड पिछली SIR की मतदाता सूची से ठीक तरह से ‘मैप’ (Map) नहीं हो पाया है।
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अधिकारियों ने यह भी बताया कि नोटिस मिलने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि उनकी वोट देने की पात्रता खत्म हो गई है।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव आयोग को घेरा
इस मामले के सामने आते ही आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पार्टी ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके पूरे परिवार के नाम वोटर लिस्ट में इस संदिग्ध कैटेगरी में कैसे आ सकते हैं?
AAP ने इस पूरे मामले में चुनाव आयोग से तत्काल स्पष्टीकरण की मांग की है।
दिल्ली ड्राफ्ट लिस्ट से 47.6 लाख नाम गायब!
यह नोटिस दिल्ली में चल रही एक व्यापक मतदाता पुनरीक्षण (Revision) प्रक्रिया का हिस्सा है।
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31 अगस्त को जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में केवल 97.5 लाख मतदाताओं के नाम हैं, जबकि पहले पंजीकृत मतदाताओं की संख्या लगभग 1.45 करोड़ थी।
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यानी, ड्राफ्ट सूची से लगभग 47.6 लाख नाम बाहर हो गए हैं (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट श्रेणियों के तहत)।
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चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि प्रभावित मतदाता 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म 6 (Form 6) के जरिए अपना दावा पेश कर सकते हैं, जिसके बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने दिल्ली की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या जानबूझकर विपक्षी नेताओं और आम मतदाताओं के नामों के साथ मतदाता सूची में हेरफेर की जा रही है।











