NEET पेपर लीक: जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन
NEET पेपर लीक: जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग; सोनम वांगचुक की अनशन की चेतावनी”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देश भर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने ‘थाली और चम्मच’ बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस आंदोलन में प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए और उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है।
‘कोरोना भाग सकता है, तो धर्मेंद्र प्रधान भी भाग सकते हैं’
सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में छात्रों और युवाओं ने कॉकरोच के मुखौटे पहन रखे थे और हाथों में पोस्टर थामे हुए थे।
एक पोस्टर पर लिखा था- “बहरों को सुनाने के लिए बहुत तेज आवाज की जरूरत होती है।” भीड़ को संबोधित करते हुए दीपके ने तंज कसा, “अगर थाली बजाने से कोरोना को भगाया जा सकता है, तो थाली बजाकर धर्मेंद्र प्रधान को भी भगाया जा सकता है।”
उन्होंने सांप्रदायिक राजनीति पर प्रहार करते हुए कहा कि हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से प्रश्नपत्र लीक नहीं रुकेंगे, इसका फायदा सिर्फ राजनीतिक दलों को होता है।
सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान: 27 जून से अनशन
प्रदर्शन में पहुंचे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
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“झूठ से पैदा होने वाला खतरा चीन या पाकिस्तान के खतरे से भी बड़ा है। हमें खुद को झूठ और भय से बचाना होगा।”
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“हम एक ऐसे मंत्री से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जिनसे स्पष्ट रूप से गलतियां हुई हैं। जरूरत पड़ने पर सामूहिक इस्तीफे भी होने चाहिए।”
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वांगचुक ने घोषणा की कि सिर्फ थाली बजाने से समाधान नहीं निकलेगा, यदि शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वह 27 जून से अनशन शुरू करेंगे।
5 बजे के बाद पुलिस की सख्ती, तनावपूर्ण हुआ माहौल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस प्रदर्शन की अनुमति केवल शाम 5 बजे तक थी। समय समाप्त होने से एक घंटा पहले अभिजीत दीपके ने भीड़ से पूछा कि क्या वे धरने को जारी रखना चाहते हैं? भीड़ के जोरदार समर्थन के बाद दीपके ने पुलिस से अनुमति की अवधि बढ़ाने का आग्रह किया।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए अनुमति बढ़ाने से इनकार कर दिया और शाम 5 बजे के बाद इस प्रदर्शन को ‘अवैध’ घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई। तनावपूर्ण माहौल के बीच कई प्रदर्शनकारियों ने ‘जय भीम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए मंच के चारों ओर एक मानव श्रृंखला (Human Chain) बना ली।
“हर लड़ाई जीतने के लिए नहीं लड़ी जाती”
इस प्रदर्शन में शामिल दिल्ली उच्च न्यायालय के वकील दिलशाद चौधरी ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने जनता के गुस्से की सीमा पार कर दी है।
वहीं, नीट की तैयारी कर रहे एक अभ्यर्थी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हर लड़ाई जीतने के लिए नहीं लड़ी जाती, कुछ लड़ाइयां इसलिए लड़ी जाती हैं, ताकि सभी को पता चले कि कोई वहां मौजूद था। यहां जुटे लोग किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि निराशा और जवाब की तलाश में आए हैं।”
गौरतलब है कि रविवार को होने वाली नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा (Re-exam) से ठीक एक दिन पहले यह प्रदर्शन हुआ है। इससे पूर्व 6 जून को भी सीजेपी ने जंतर-मंतर पर इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।











